SBFC Finance: 9% के मार्जिन का लक्ष्य, क्या बदल पाएगी शेयरों की चाल?

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AuthorMehul Desai|Published at:
SBFC Finance: 9% के मार्जिन का लक्ष्य, क्या बदल पाएगी शेयरों की चाल?

SBFC Finance अब अपने Net Interest Margin (NIM) को **9%** पर बनाए रखने के लिए वेरिएबल प्राइसिंग स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल कर रही है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह **8.6%** था। कंपनी का फोकस अब ऑपरेशनल अनुशासन और क्रेडिट क्वालिटी पर है, हालांकि पिछले एक साल में शेयर में **21.5%** की गिरावट देखने को मिली है।

मार्जिन बढ़ाने की रणनीति

SBFC Finance ने अपनी लाभप्रदता (profitability) को सुरक्षित रखने के लिए एक नई 'वेरिएबल प्राइसिंग' नीति अपनाई है। कंपनी का लक्ष्य अपने NIM को 9% तक ले जाना है। कंपनी अपने पोर्टफोलियो (गोल्ड लोन को छोड़कर) में ब्याज दरों में बदलाव के अनुसार लोन की कीमतों को एडजस्ट करेगी, ताकि अस्थिर बाजार में मार्जिन पर दबाव न पड़े।

शेयर में दबाव क्यों?

कंपनी के ऑपरेशनल सुधारों के बावजूद बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर रहा है। SBFC Finance का शेयर हाल ही में ₹81.25 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले 21.5% नीचे है। हालांकि कंपनी की कैपिटल पोजीशन काफी मजबूत बनी हुई है और 30 जून, 2026 तक इनका Capital to Risk Weighted Assets Ratio 31.95% रहा है।

मैनेजमेंट और फोकस

कंपनी की कमान संभाल रहे एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन असीम ध्रू (Aseem Dhru) अब आक्रामक ग्रोथ के बजाय गवर्नेंस और ऑपरेशनल अनुशासन पर जोर दे रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑपरेटिंग खर्चों को 25 बेसिस पॉइंट्स तक कम करना है। इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में अपने एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत 2,889,503 इक्विटी शेयर अलॉट किए हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks)

कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती कैश फ्लो की है, क्योंकि फिलहाल कंपनी का कर्ज उसके ऑपरेटिंग कैश फ्लो से पूरी तरह कवर नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही, SME सेक्टर में लोन का एक्सपोजर होने के कारण क्रेडिट रिस्क बना हुआ है। मैनेजमेंट ने यह भी स्वीकार किया है कि अगर ब्याज दरों में अचानक 75 से 100 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी होती है, तो कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.