SBFC Finance ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में **14.7%** का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) दर्ज किया है। इस नतीजे के बाद, ICICI Securities ने स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है। कंपनी छोटे व्यवसायों के लिए लोन पर फोकस कर रही है, खासकर उन ग्राहकों पर जिनका क्रेडिट स्कोर अच्छा है।
Detailed Coverage
कैसे सुधरी कंपनी की फाइनेंसियल हेल्थ?
SBFC Finance छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) को लोन देने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए 14.7% का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) दर्ज किया है। यह पिछली तिमाही की तुलना में 20 बेसिस पॉइंट का सुधार है और पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 100 बेसिस पॉइंट से अधिक की वृद्धि है। इन वित्तीय नतीजों के बाद, ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने कंपनी के प्रति अपना सकारात्मक नजरिया बनाए रखा है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹130 तय किया है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और फंडिंग कॉस्ट में कमी
कंपनी की वित्तीय प्रोफाइल को सहारा देने वाले कारकों में से एक फंड की लागत (Cost of Funds) में कमी है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 6 तिमाहियों में यह लागत 90 बेसिस पॉइंट कम हुई है। उधार लेने की कम लागत आमतौर पर फाइनेंस कंपनियों को अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने में मदद करती है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग खर्चों को भी कुशलता से प्रबंधित किया है, जिससे एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) पर लागत का अनुपात पिछले साल की तुलना में 40 बेसिस पॉइंट से अधिक घट गया है। जैसे-जैसे कंपनी देश भर में अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रही है, ये एफिशिएंसी महत्वपूर्ण हैं।
ग्राहक की क्वालिटी और क्रेडिट रिस्क
जून 2026 तक, कंपनी ने रिपोर्ट किया कि उसके 90% ग्राहकों का CIBIL स्कोर 700 से ऊपर है। लोन देने के बिजनेस में, डिफॉल्ट्स के जोखिम को मैनेज करने के लिए उच्च क्रेडिट स्कोर वाले उधारकर्ताओं पर ध्यान केंद्रित करना एक आम रणनीति है। भले ही इंडस्ट्री पर व्यापक दबावों का असर क्रेडिट क्वालिटी पर पड़ सकता है, SBFC Finance ने पहली तिमाही में अपने क्रेडिट कॉस्ट को लगभग 145 बेसिस पॉइंट पर बनाए रखा। मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए यह लागत 140-150 बेसिस पॉइंट की रेंज में रहने की उम्मीद है।
ग्रोथ स्ट्रैटेजी और भविष्य के लिए खास बातें
SBFC Finance मुख्य रूप से SME फाइनेंसिंग सेगमेंट में काम करती है, जिसका फोकस ₹2.5 मिलियन से कम के लोन टिकट साइज पर रहता है। यह सेगमेंट प्रतिस्पर्धी है, लेकिन कंपनी ने खुद को एक पैन-इंडिया प्लेयर के रूप में स्थापित किया है। अनुमान बताते हैं कि कंपनी वित्त वर्ष 2026 और 2028 के बीच अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में 24% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करने का लक्ष्य रख सकती है। निवेशकों के लिए, मुख्य बातें यह होंगी कि कंपनी इन क्रेडिट लागतों को बनाए रखने, SME सेगमेंट में एसेट क्वालिटी का प्रबंधन करने और वित्त वर्ष 2028 तक अनुमानित 15% के RoE के लक्ष्य को बनाए रखते हुए अपने लोन बुक का विस्तार जारी रखने में कितनी सक्षम है।
