शेयरधारकों का भारी समर्थन: नेतृत्व पर मुहर
हाल ही में संपन्न हुए पोस्टल बैलेट के नतीजों के अनुसार, श्री असीम ध्रुव के एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन पद पर पुनः मनोनयन (re-designation) के पक्ष में 83,45,24,293 वोट पड़े, जो कुल वोटों का 93.65% था। वहीं, श्री महेश दयानी के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CEO पद पर पुनः मनोनयन के लिए 86,61,90,661 वोट मिले, जो कुल वोटों का 94.38% था। दोनों प्रस्तावों पर शेयरधारकों का भारी बहुमत स्पष्ट रूप से दिखा।
यह फैसला श्री असीम ध्रुव के उस निर्णय को आधिकारिक रूप देता है, जिसमें वे कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन के तौर पर अपनी सक्रिय भूमिका जारी रखेंगे। पहले उन्हें नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन की भूमिका में होना था, लेकिन बोर्ड ने फरवरी 2026 में इसे बदलकर एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन करने का फैसला किया था।
वहीं, श्री महेश दयानी 1 अप्रैल, 2026 से अगले 5 साल के लिए MD और CEO का पद संभालेंगे। यह नियुक्ति कंपनी के ग्रोथ के लक्ष्यों को हासिल करने में नेतृत्व की निरंतरता सुनिश्चित करेगी।
शेयरधारकों का यह मजबूत समर्थन कंपनी के नेतृत्व परिवर्तन को स्पष्ट मंज़ूरी देता है। यह स्टेकहोल्डर्स के लिए स्थिरता और विश्वास का संकेत है, जो NBFC क्षेत्र में SBFC Finance के रणनीतिक रास्ते को और मजबूत करता है। इन प्रमुख भूमिकाओं को औपचारिक बनाने से कार्यकारी जिम्मेदारियों में स्पष्टता आती है और दृष्टिकोण में निरंतरता बनी रहती है, जो MSME फाइनेंसिंग जैसे विकास-उन्मुख क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
SBFC Finance एक नॉन-डिपॉजिट लेने वाली NBFC है जो विशेष रूप से MSME (माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज) को सुरक्षित लोन और सोने पर लोन देने में माहिर है। कंपनी ने अगस्त 2023 में अपना IPO लॉन्च किया था ताकि भविष्य के विस्तार के लिए अपनी पूंजी को मजबूत कर सके।
संक्षेप में, इस मंजूरी से श्री असीम ध्रुव का एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन का पद और श्री महेश दयानी का MD व CEO के रूप में 5 साल का कार्यकाल औपचारिक हो गया है। यह नेतृत्व संरचना में स्थिरता लाता है। हालांकि, इंडस्ट्री के सामान्य दबाव जैसे बढ़ते लोन बुक में एसेट क्वालिटी बनाए रखना और रेगुलेटरी माहौल को नेविगेट करना कंपनी के लिए आगे की राह में महत्वपूर्ण होंगे।