Securities Appellate Tribunal (SAT) ने ICICI Bank के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए चंदा कोचर की उस मांग को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने बैंक के इंटरनल पोर्टल और सर्वर डेटा तक पहुंच मांगी थी।
डेटा एक्सेस पर रोक
ट्रिब्यूनल ने बैंक के तर्कों को सही ठहराते हुए चंदा कोचर की इस मांग को 'फिशिंग एक्सपेडिशन' (Fishing Expedition) करार दिया है। बैंक ने अदालत में दलील दी थी कि डिजिटल एक्सेस देने से तीसरे पक्ष की गोपनीयता और कंपनी की प्रोप्राइटरी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। SAT ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष को सिर्फ उन दस्तावेजों को देखने का अधिकार है जिस पर रेगुलेटर्स भरोसा करते हैं, न कि कंपनी के पूरे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक अनियंत्रित पहुंच का।
कानूनी और बाजार पर असर
यह फैसला ICICI Bank के लिए Videocon लोन केस में एक महत्वपूर्ण जीत मानी जा रही है। भले ही यह फैसला बैंक के ऑपरेशनल प्रदर्शन से न जुड़ा हो, लेकिन कानूनी घटनाक्रमों का असर अक्सर स्टॉक की चाल पर पड़ता है। 9 अक्टूबर 2026 को ट्रेडिंग सेशन के दौरान ICICI Bank के शेयर ₹1,351 से ₹1,353 के दायरे में कारोबार कर रहे थे।
बैंक का रुख साफ है कि वह रेगुलेटरी नियमों का पूरी तरह पालन कर रहा है। निवेशकों के लिए फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि ऐसी हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों से जुड़ी खबरें अक्सर शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी पैदा करती हैं। बाजार अब इस मामले में आगे आने वाले अपडेट्स पर नजर बनाए रखेगा।
