Rupee Slips: डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का, क्रूड की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशन

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Rupee Slips: डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का, क्रूड की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई टेंशन

6 अक्टूबर 2026 को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर **96.39** के स्तर पर आ गया है। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल लेवल पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली मुख्य वजह हैं। अब निवेशकों की नजरें RBI की चल रही मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग पर टिकी हैं।

डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर

भारतीय रुपया 6 अक्टूबर 2026 को 96.39 के स्तर पर खुला। करेंसी मार्केट में यह दबाव मुख्य रूप से एनर्जी की कीमतों में उछाल और घरेलू बाजार से विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा पैसा निकालने के कारण है। पिछले सेशन में विदेशी निवेशकों ने कुल ₹4,699.14 करोड़ की बिकवाली की है, जो रुपये के लिए चिंता का विषय है।

क्यों बढ़ रहा है दबाव?

ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव USD 100.6 प्रति बैरल के पार चला गया है। कच्चे तेल के महंगे होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है, जिससे डॉलर की डिमांड में इजाफा होता है और अंततः रुपया कमजोर होता है।

RBI की पॉलिसी पर नजर

फिलहाल मार्केट की पूरी नजर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की तीन दिवसीय मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग पर है, जो 7 अक्टूबर को खत्म होगी। फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि महंगाई को कंट्रोल करने के लिए RBI 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है।

हालांकि शेयर बाजार में Sensex और Nifty की मामूली बढ़त ने रुपये को और ज्यादा गिरने से रोकने में कुछ हद तक मदद की है। अब निवेशकों को RBI के उन फैसलों का इंतजार है जो महंगाई और ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.