BSE Limited की टिप्पणियों के बाद, Richfield Financial Services Limited ने अपने प्रीफरेंशियल इक्विटी शेयर इश्यू (preferential equity share issue) के साइज में बड़ा फेरबदल किया है। यह फेरबदल SEBI (Issue of Capital and Disclosure Requirements) Regulations, 2018 के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
कंपनी ने अपने अतिरिक्त-साधारण आम बैठक (EGM) के नोटिस में संशोधन किया है। इस बदलाव के तहत, पहले ₹10 करोड़ जुटाने की योजना थी, जिसे घटाकर अब ₹8.605 करोड़ कर दिया गया है। यानी इश्यू साइज में ₹1.4 करोड़ की सीधी कटौती हुई है। इश्यू प्राइस प्रति शेयर ₹25 ही रहेगा, लेकिन जारी किए जाने वाले शेयरों की कुल संख्या 40 लाख से घटकर 34.42 लाख कर दी गई है।
इतना ही नहीं, जिन संभावित शेयरधारकों को ये शेयर अलॉट होने थे, उनकी संख्या में भी भारी कमी आई है। पहले 139 लोगों को शेयर देने की योजना थी, जिसे अब घटाकर 112 कर दिया गया है, यानी मूल लिस्ट से 27 नामों को हटा दिया गया है।
कंपनी का यह कदम मौजूदा शेयरधारकों के लिए कुछ हद तक राहत भरा हो सकता है, क्योंकि इश्यू साइज घटने से उनके हिस्से का डाइल्यूशन (dilution) कम होगा। BSE की तरफ से आई इन टिप्पणियों से यह भी साफ है कि रेगुलेटरी जांच (regulatory scrutiny) थोड़ी बढ़ गई है। निवेशकों को EGM की कार्यवाही और फाइनल अलॉटमेंट पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। यह भी देखना अहम होगा कि कंपनी जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपने रणनीतिक लक्ष्यों (strategic objectives) को हासिल करने में कैसे करती है।