फिनटेक कंपनी Revolut ने सेकेंडरी शेयर बिक्री के बाद ₹9.5 लाख करोड़ ($115 बिलियन) का वैल्यूएशन हासिल कर लिया है। यह सितंबर के $75 बिलियन के वैल्यूएशन से काफी बड़ी छलांग है।
Detailed Coverage
लंदन की डिजिटल बैंकिंग कंपनी Revolut का वैल्यूएशन अब $115 बिलियन (लगभग ₹9.5 लाख करोड़) हो गया है। बुधवार को पक्की हुई रिपोर्टों के अनुसार, यह नया आंकड़ा एक सेकेंडरी शेयर बिक्री के बाद आया है। इस प्रक्रिया में मौजूदा निवेशक कंपनी को शेयर जारी करने के बजाय नए खरीदारों को अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं। यह सितंबर में कंपनी के $75 बिलियन के वैल्यूएशन से एक बड़ी बढ़ोतरी है।
बाज़ार में स्थिति और बड़ी बैंकों से तुलना
इस वैल्यूएशन के साथ, Revolut का मार्केट वैल्यू अब Barclays से भी ज्यादा हो गया है, जो यूके का एक पुराना बैंक है और जिसकी मार्केट कैप लगभग $95 बिलियन है। हालांकि, Revolut अभी भी ग्लोबल बैंकिंग दिग्गज HSBC से छोटा है, जिसकी वैल्यूएशन लगभग $350 बिलियन है। यह तुलना दर्शाती है कि निवेशक पारंपरिक बैंकों की तुलना में डिजिटल-फर्स्ट फाइनेंशियल सर्विसेज को कितना महत्व दे रहे हैं।
बिज़नेस ग्रोथ और रेगुलेटरी स्थिति
2015 में स्थापित, Revolut ने 40 से अधिक देशों में लाखों ग्राहकों का यूजर बेस तैयार किया है। कंपनी ने शुरुआत में अपनी मोबाइल ऐप के माध्यम से करेंसी एक्सचेंज और मनी ट्रांसफर जैसी सरल सेवाओं से अपना बिज़नेस बनाया। मार्च में, Revolut ने एक फुल यूके बैंकिंग लाइसेंस हासिल करके एक बड़ा ऑपरेशनल माइलस्टोन हासिल किया। यह लाइसेंस कंपनी को लेंडिंग सेवाओं में विस्तार करने की अनुमति देता है और ग्राहक जमाओं के लिए मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है, जो पारंपरिक बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए ज़रूरी है।
हालांकि कंपनी का विस्तार जारी है, वह अभी भी संयुक्त राज्य अमेरिका में बैंकिंग लाइसेंस हासिल करने के लिए काम कर रही है। तेजी से बढ़ती फिनटेक कंपनियों की तरह, Revolut को नियामकों (regulators) की ओर से लगातार ध्यान का सामना करना पड़ा है। अतीत में, चर्चाएं आंतरिक अनुपालन प्रणालियों, विशेष रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी को रोकने के संबंध में केंद्रित रही हैं। ये रेगुलेटरी मामले उच्च-विकास वाली वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए आम हैं क्योंकि वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने ऑपरेशंस को बढ़ाती हैं।
निवेशकों को क्या ध्यान देना चाहिए
फिनटेक सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए, मुख्य ध्यान इस बात पर रहेगा कि कंपनी नए बाजारों में प्रवेश करने और अपने प्रोडक्ट रेंज का विस्तार करने के साथ-साथ अपनी रेगुलेटरी जिम्मेदारियों का प्रबंधन कैसे करती है। इसके अतिरिक्त, एक विशेष करेंसी एक्सचेंज ऐप से एक फुल-सर्विस बैंकिंग संस्थान में परिवर्तन में नए लेंडिंग प्रोडक्ट्स पर क्रेडिट रिस्क का प्रबंधन शामिल है। अमेरिकी बैंकिंग लाइसेंस आवेदन और यूके बैंकिंग सेवाओं के चल रहे एकीकरण के संबंध में भविष्य के अपडेट कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता और ऑपरेशनल हेल्थ को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
