📈 Q3 में मुनाफे की तूफानी रफ़्तार, डिविडेंड का ऐलान
Repco Home Finance लिमिटेड (RHFL) ने अपने तीसरी तिमाही (Q3) और नौ महीनों (9M) के वित्तीय नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने दिसंबर तिमाही में मुनाफे में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है, वहीं शेयरधारकों को ₹2 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान भी किया है।
Q3 FY2025-26 में दमदार परफॉरमेंस:
तिमाही के नतीजों में सबसे बड़ा आकर्षण रहा नेट प्रॉफिट। स्टैंडअलोन बेसिस पर, नेट प्रॉफिट 39% की जबरदस्त उछाल के साथ ₹106.54 करोड़ पर पहुंच गया। मार्जिन में शानदार सुधार इसका मुख्य कारण रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 17.68% से बढ़कर इस बार 23.90% हो गया। बेसिक ईपीएस (Basic EPS) ₹1.25 से बढ़कर ₹1.74 हो गया। वहीं, कंसोलिडेटेड बेसिस पर नेट प्रॉफिट में 54.86% की और भी तेज उछाल देखी गई, जो ₹108.77 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 16.14% से बढ़कर 24.42% हो गया, और कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस ₹1.25 से बढ़कर ₹1.78 हो गया।
रेवेन्यू ग्रोथ में दिखी नरमी:
हालांकि, टॉपलाइन यानी रेवेन्यू ग्रोथ में नरमी दिखी। स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from Operations) में पिछले साल की तुलना में सिर्फ 1.71% की मामूली बढ़त के साथ ₹108.77 करोड़ दर्ज किया गया। कुल इनकम (Total Income) 3.30% बढ़कर ₹445.69 करोड़ रही। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स भी 2.19% बढ़कर ₹108.87 करोड़ रहा, जबकि कुल इनकम 2.31% बढ़कर ₹445.32 करोड़ रही।
नौ महीनों (9M) का प्रदर्शन:
पिछले नौ महीनों (9M) के आंकड़े देखें तो रेवेन्यू ग्रोथ और भी धीमी नजर आती है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में 0.26% की मामूली गिरावट के साथ ₹323.66 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में 0.39% की मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹324.50 करोड़ रहा। प्रॉफिट के मोर्चे पर, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले नौ महीनों में 1.26% गिरकर ₹244.40 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 1.85% की बढ़त के साथ ₹248.93 करोड़ दर्ज किया गया।
कर्मचारी लाभ पर ₹4.79 करोड़ का प्रभाव:
इस तिमाही में कंपनी ने नए लेबर कोड (New Labour Codes) लागू होने के कारण कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) के लिए ₹4.79 करोड़ का अतिरिक्त प्रोविजन (Provision) भी दर्ज किया, जिसने 'एम्प्लॉई बेनिफिट्स एक्सपेंस' को प्रभावित किया।
₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड:
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹2 (यानी 20%) प्रति इक्विटी शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Second Interim Dividend) घोषित किया है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 12 फरवरी, 2026 तय की गई है।
आगे क्या? चिंता और उम्मीदें:
निवेशकों के लिए चिंता का मुख्य कारण Q3 और पिछले नौ महीनों में रेवेन्यू ग्रोथ का धीमा रहना है। सवाल यह है कि क्या मार्जिन में आई यह जबरदस्त बढ़ोतरी टिक पाएगी, खासकर जब टॉपलाइन में उतनी तेजी न दिख रही हो। मैनेजमेंट की ओर से भविष्य की कोई गाइडेंस (Guidance) न देना भी निवेशकों के लिए एक बड़ा सवालिया निशान है, जिससे कंपनी के भविष्य की चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है।
