Repco Home Finance: तूफानी तेज़ी! Disbursements ₹40% उछाले, पर Profit मार्जिन पर दबाव?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Repco Home Finance: तूफानी तेज़ी! Disbursements ₹40% उछाले, पर Profit मार्जिन पर दबाव?
Overview

Repco Home Finance ने Q3 FY2026 में शानदार प्रदर्शन दिखाया है, जिसमें Disbursements **40%** बढ़कर **₹1064 करोड़** और AUM **₹15,394 करोड़** को पार कर गया। कंपनी ने एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखाया है। हालांकि, शुद्ध लाभ (Net Profit) में गिरावट और मार्जिन पर दबाव चिंता का विषय बना हुआ है।

Repco Home Finance के नतीजे: मिले-जुले संकेत

Repco Home Finance Limited (RHFL) ने Q3 FY2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने परिचालन (Operations) के मोर्चे पर मजबूत ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन लाभप्रदता (Profitability) पर कुछ दबाव देखा गया है।

संचालन में ज़बरदस्त उछाल

  • Disbursements: कंपनी ने इस तिमाही में ₹1064 करोड़ का Disbursements दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि (YoY) के मुकाबले 40% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी है। यह मजबूत बाजार मांग और प्रभावी बिजनेस डेवलपमेंट का संकेत देता है।
  • Assets Under Management (AUM): कंपनी का लोन बुक बढ़कर ₹15,394 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 8.8% ज़्यादा है। यह लगातार पोर्टफोलियो ग्रोथ को दर्शाता है।
  • एसेट क्वालिटी में सुधार: कंपनी की एसेट क्वालिटी में भी खास सुधार हुआ है। Gross Non-Performing Assets (GNPA) घटकर 2.92% रह गया है, जो पिछले साल 3.86% था। इसी तरह, Stage 2 Assets भी घटकर 8.02% पर आ गए हैं, जो पहले 10.56% थे।
  • फंड की लागत (Cost of Funds): फंड की लागत साल-दर-तारीख (YTD) 30 basis points घटकर 8.45% पर आ गई है, और इसमें आगे 10 bps की और कमी की उम्मीद है।

मुनाफे पर दबाव, मार्जिन में कमी

जहां एक ओर कंपनी ने ऑपरेशंस में ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाई है, वहीं लाभप्रदता को लेकर कुछ चिंताएं हैं।

  • नेट प्रॉफिट (Net Profit): अलग-अलग रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही (Sequentially) 4.76% और पिछले साल (YoY) 4.75% घटकर ₹109.66 करोड़ रहा। स्टैंडअलोन प्रॉफिट में भी QoQ बेसिस पर 4.49% की गिरावट देखी गई। हालांकि, कंपनी ने ₹109 करोड़ के PAT का ज़िक्र किया था, लेकिन लाभ मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
  • PAT Margin: PAT मार्जिन पिछली तिमाही (QoQ) 132 bps और पिछले साल (YoY) 259 bps कम हुआ है।
  • खर्चों में बढ़ोतरी: ऑपरेटिंग खर्चों में बढ़ोतरी के पीछे कुछ एकमुश्त (one-off) घटनाएं रहीं, जैसे कि सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन (₹3 करोड़), नए लेबर कोड के लिए प्रोविज़न (₹5 करोड़), और सोर्सिंग व एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों में वृद्धि। कर्मचारी खर्चों में भी प्रोविडेंट फंड और लीव एनकैशमेंट के कारण वृद्धि हुई।

आगे की राह और डिविडेंड

मैनेजमेंट ने FY2026 के लिए ₹4000 करोड़ के Disbursements और ₹16,200 करोड़ के AUM का लक्ष्य रखा है, साथ ही NPAs को 2.5% और Stage 2 Assets को 7.5% पर लाने का लक्ष्य है। FY2027 के लिए Disbursements का लक्ष्य ₹5000 करोड़ रखा गया है।

इस बीच, कंपनी के बोर्ड ने 20% का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है, जिससे इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल डिविडेंड 45% हो गया है।

निवेशक अब कंपनी की ग्रोथ को बनाए रखते हुए लागत प्रबंधन (Cost Management) और लाभप्रदता में सुधार पर नज़र रखेंगे।

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