Repco Home Finance: ₹2 डिविडेंड का ऐलान, पर नतीजे चिंताजनक!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Repco Home Finance: ₹2 डिविडेंड का ऐलान, पर नतीजे चिंताजनक!
Overview

Repco Home Finance Limited (RHFL) ने अपने शेयरधारकों को ₹2 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का फैसला किया है। यह घोषणा तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों के साथ आई है, जिसमें कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) **1.71%** बढ़कर **₹108.77 करोड़** रहा, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में **75.45%** की भारी गिरावट देखने को मिली।

📉 नतीजों का गहराई से विश्लेषण

Repco Home Finance Limited (RHFL) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है, जो शेयरधारकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस काफी मिला-जुला है, जिसमें कंसोलिडेटेड नतीजों को लेकर खास चिंताएं बनी हुई हैं।

स्टैंडअलोन परफॉरमेंस (Q3 FY26 बनाम Q3 FY25):

स्टैंडअलोन आधार पर, RHFL ने पिछले साल की समान तिमाही के ₹106.94 करोड़ की तुलना में 1.71% की मामूली रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो ₹108.77 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट में 0.26% की मामूली गिरावट आई और यह ₹323.66 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹324.50 करोड़ था। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 1.76% की हल्की बढ़ोतरी हुई और यह ₹17.09 से बढ़कर ₹17.39 हो गया।

कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस (Q3 FY26 बनाम Q3 FY25):

दूसरी ओर, कंसोलिडेटेड नतीजे काफी चौंकाने वाले हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू (Revenue from Operations) 75.45% की भारी गिरावट के साथ ₹106.55 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹433.41 करोड़ था। यह बड़ी गिरावट एक बड़ा रेड फ्लैग है, जो अंदरूनी बिजनेस डायनामिक्स या रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर पर सवाल खड़े करती है। रेवेन्यू में इस भारी गिरावट के बावजूद, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 37.15% बढ़कर ₹445.08 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹324.50 करोड़ था। कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस (EPS) में 8.93% की वृद्धि हुई और यह ₹6.67 रहा।

नौ महीनों का परफॉरमेंस (9M FY26 बनाम 9M FY25):

नौ महीनों की अवधि में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू 0.86% बढ़कर ₹445.08 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 3.79% घटकर ₹1,287.77 करोड़ रहा, और ईपीएस (EPS) भी 3.76% गिरकर ₹73.76 हो गया। कंसोलिडेटेड आधार पर, रेवेन्यू 25.39% घटकर ₹1,283.98 करोड़ रहा। हालांकि, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 12.81% की अच्छी बढ़त देखी गई और यह ₹965.86 करोड़ दर्ज किया गया, जबकि ईपीएस (EPS) 20.99% बढ़कर ₹54.48 हो गया।

अन्य मुख्य बिंदु

कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड (Labor Codes) के कारण कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) के लिए प्रोविजन (Provision) में अनुमानित ₹4.79 करोड़ का इजाफा हुआ है, जिससे कर्मचारी लाभ व्यय (Employee Benefits Expense) प्रभावित हुआ है। ये फाइनेंशियल नतीजे ऑडिटर M/s. R. Subramanian and Company LLP द्वारा लिमिटेड रिव्यू (Limited Review) के दायरे में आए हैं।

जोखिम और आगे का आउटलुक

सबसे बड़ा जोखिम कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में साल-दर-साल आई भारी गिरावट है, जिस पर निवेशकों को गहराई से गौर करना चाहिए। कंपनी ने भविष्य को लेकर कोई गाइडेंस (Guidance) नहीं दी है, जिससे आगे का आउटलुक (Outlook) अनिश्चित बना हुआ है। निवेशकों को कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में आई गिरावट के कारणों और भविष्य में इसके परफॉरमेंस व प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाले संभावित असर पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

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