Religare Enterprises: कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है! कंपनी के टॉप अधिकारियों को कोर्ट ने किया तलब

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Religare Enterprises: कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है! कंपनी के टॉप अधिकारियों को कोर्ट ने किया तलब
Overview

Religare Enterprises के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) केस में कंपनी की पूर्व चेयरपर्सन रश्मि सलूजा और चार अन्य पूर्व अधिकारियों को समन भेजा है। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) का आरोप है कि बर्मन परिवार के कॉर्पोरेट अधिग्रहण (Corporate Takeover) में बाधा डालने के लिए ESOP से जुड़ी ₹179.54 करोड़ की साजिश रची गई थी।

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कानूनी बाधाएं और बढ़ीं

Religare Enterprises की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत काम करने वाली मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने कंपनी की पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन रश्मि सलूजा और चार अन्य प्रमुख पूर्व अधिकारियों को समन जारी किया है। यह एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की जांच में एक बड़ा मोड़ है, जिसमें Care Health Insurance, जो कि कंपनी की एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी है, के ESOPs से जुड़े ₹179.54 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की जा रही है। स्पेशल जज आर.बी. रोटे की कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के पर्याप्त सबूत हैं और उन्हें 11 जून, 2026 तक व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

ESOPs और अधिग्रहण का कनेक्शन

इस रेगुलेटरी एक्शन के केंद्र में कॉरपोरेट कदाचार का एक जटिल जाल है। जांच से पता चलता है कि आरोपियों ने कथित तौर पर ESOP अलॉटमेंट पर रेगुलेटरी आपत्तियों को दूर करने के लिए अनधिकृत कानूनी राय ली, खासकर रश्मि सलूजा के पक्ष में। इसके अलावा, एजेंसी का तर्क है कि यह योजना बर्मन परिवार के अधिग्रहण के प्रयास को विफल करने के व्यापक प्रयास से जुड़ी थी। ED का आरोप है कि 2023 और 2025 के बीच हुए इस जबरदस्त कॉर्पोरेट पावर स्ट्रगल के दौरान बर्मन परिवार के सदस्यों के खिलाफ फर्जी आपराधिक शिकायतें दर्ज कराने के लिए थर्ड-पार्टी को वित्तीय प्रलोभन दिए गए थे।

कंपनी के भविष्य पर असर

Religare Enterprises के साथ चल रहा कानूनी और रेगुलेटरी टकराव कंपनी के रीस्ट्रक्चरिंग (Restructuring) प्रयासों के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर रहा है। इस मनी लॉन्ड्रिंग समन के अलावा, कंपनी के पूर्व नेतृत्व को हाल ही में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से भी बड़ा झटका लगा है। मई 2026 में, SEBI ने रश्मि सलूजा को कथित तौर पर अनुचित लाभ के तौर पर लगभग ₹2 करोड़ लौटाने का आदेश दिया और ₹40 लाख का जुर्माना भी लगाया। SEBI ने निष्कर्ष निकाला कि उन्होंने बर्मन ग्रुप के ओपन ऑफर से संबंधित अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (Unpublished Price-Sensitive Information) होने के बावजूद ट्रेड किए थे।

फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में बेहतर कैपिटल वाली कंपनियों की तुलना में, Religare का वैल्यूएशन इस लगातार बने हुए गवर्नेंस ओवरहैंग (Governance Overhang) से काफी प्रभावित हो रहा है। फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) में 15% रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद, कंपनी के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में भारी गिरावट आई और यह ₹73.16 करोड़ पर आ गया, जिससे इस लीडरशिप ट्रांजिशन के दौरान मार्जिन की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कंपनी वर्तमान में अपने फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस बिजनेस के डीमर्जर (Demerger) से गुजर रही है - जिसका उद्देश्य शेयरहोल्डर वैल्यू को अनलॉक करना है - लेकिन ये कानूनी कार्यवाही इस तरह के स्ट्रक्चरल स्प्लिट के लिए आवश्यक रेगुलेटरी अप्रूवल को जटिल बना सकती है।

आगे की राह और स्ट्रैटेजिक फोकस

हालांकि बर्मन परिवार, जो अब कन्फर्म्ड प्रमोटर है, बैलेंस शीट को स्थिर करने और लेंडिंग बिजनेस को फिर से बनाने के लिए सक्रिय रूप से कैपिटल डाल रहा है - जिसमें हाल ही में ₹750 करोड़ का कमिटमेंट भी शामिल है - रिकवरी का रास्ता अभी भी अस्थिर बना हुआ है। निवेशक वर्तमान में एक नई शुरुआत की संभावनाओं को पिछले मैनेजमेंट टीम के पुराने मुद्दों के मुकाबले तौल रहे हैं। स्टॉक लगातार अपने 52-हफ्ते के निचले स्तरों का परीक्षण कर रहा है, ऐसे में बाजार सतर्क बना हुआ है और बारीकी से नजर रख रहा है कि क्या प्रस्तावित डीमर्जर बिना किसी और कानूनी बाधा के आगे बढ़ सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.