Religare Demerger: निवेशकों को नहीं भाया प्लान! शेयर **10%** टूटा, जानें क्या है वजह

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Religare Demerger: निवेशकों को नहीं भाया प्लान! शेयर **10%** टूटा, जानें क्या है वजह
Overview

Religare Enterprises ने अपने फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस बिजनेस को दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटने का बड़ा ऐलान किया है। इस डीमर्जर (Demerger) का मकसद शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करना था, लेकिन बाजार को यह रास नहीं आया और स्टॉक में **10%** से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

डीमर्जर के फैसले पर निवेशकों का अविश्वास: Religare के शेयर में क्यों आई गिरावट?

Religare Enterprises ने अपने इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विसेज के ऑपरेशंस को दो अलग-अलग पब्लिकली ट्रेडेड एंटिटीज में बांटने की एक महत्वपूर्ण योजना का ऐलान किया है। फरवरी 2025 में बर्मन परिवार द्वारा कंपनी का नियंत्रण हासिल करने के बाद यह पहला बड़ा स्ट्रैटेजिक कदम है, जिसका उद्देश्य शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करना और हर सेगमेंट पर फोकस बढ़ाना है। हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया काफी नकारात्मक रही है। Religare Enterprises का शेयर डीमर्जर की घोषणा के बाद से लगातार सातवें दिन गिरा है, और यह लगभग 10% टूटकर ₹220 के आसपास कारोबार कर रहा है। यह गिरावट कंपनी के भविष्य की संभावनाओं और इस रीस्ट्रक्चरिंग की प्रभावशीलता को लेकर निवेशकों की गहरी आशंकाओं को दर्शाती है।

क्या होगा स्ट्रक्चरल बदलाव और शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

इस प्रस्तावित डीमर्जर के तहत, Religare Enterprises अपनी Care Health Insurance Ltd में हिस्सेदारी बनाए रखेगी, जो कंपनी की इंश्योरेंस शाखा के तौर पर काम करती रहेगी। वहीं, दूसरी ओर, लेंडिंग, ब्रोकिंग और इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज जैसे फाइनेंशियल सर्विसेज डिविजन को इसकी सब्सिडियरी Religare Finvest Ltd (RFL) में ट्रांसफर किया जाएगा। इस ट्रांसफर के बदले, RFL मौजूदा Religare Enterprises के शेयरधारकों को 1:1 के अनुपात में फुली पेड-अप इक्विटी शेयर जारी करेगी, जिससे डीमर्जर के बाद शेयरहोल्डिंग पैटर्न समान रहेगा। कंपनी का लक्ष्य इस जटिल प्रक्रिया को पूरा करके FY28 की पहली तिमाही तक RFL को लिस्ट कराना है, बशर्ते जरूरी रेगुलेटरी और शेयरधारक की मंजूरी मिल जाए।

Religare के खराब वित्तीय नतीजे और लगातार अंडरपरफॉर्मेंस

बाजार की यह नकारात्मक प्रतिक्रिया Religare Enterprises के हालिया वित्तीय प्रदर्शन और ऐतिहासिक अंडरपरफॉर्मेंस से और भी बढ़ जाती है। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए ₹45.31 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगातार खराब रहा है, जो तीन सालों में 0% और -1.85% दर्ज किया गया है। इस वित्तीय कमजोरी के साथ प्रमोटर की हिस्सेदारी मात्र 26.27% होना भी एक चिंता का विषय है। पिछले साल स्टॉक में 2.28% की गिरावट आई है, जबकि इसी दौरान निफ्टी 50 में लगभग 14% की तेजी देखी गई। MarketsMojo ने 14 फरवरी, 2026 तक Religare Enterprises को 'Strong Sell' रेटिंग दी है, जो गिरती हुई प्रॉफिटेबिलिटी और रिटर्न के मुकाबले महंगे वैल्यूएशन की ओर इशारा करती है।

प्रतिस्पर्धी माहौल और सेक्टर का दृष्टिकोण

Religare Enterprises भारतीय फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर में काम करती है। इंश्योरेंस मार्केट में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, जहां 2026 से 2030 के बीच 6.9% की वार्षिक प्रीमियम वृद्धि का अनुमान है। वहीं, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर भी आर्थिक विकास का एक अहम हिस्सा है। हालांकि, इस सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। Bajaj Finance जैसे प्रतिद्वंद्वी लगभग 33-35 के P/E अनुपात पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि Religare का TTM P/E लगभग 59.85 है, और कंपनी वर्तमान में घाटे में चल रही है। इसकी तुलना में, HDFC Life Insurance का P/E लगभग 83.27 है, जो बाजार में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

भविष्य का रास्ता और निवेशकों का सेंटिमेंट

डीमर्जर की योजना, जिसका उद्देश्य वैल्यू अनलॉक करना है, Religare Enterprises के पिछले प्रदर्शन और वर्तमान वित्तीय स्थिति की वजह से कई चुनौतियों का सामना कर रही है। कंपनी लगातार प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने में विफल रही है, जैसा कि हालिया घाटे और नेगेटिव ROE से पता चलता है। इससे डीमर्ज होने वाली फाइनेंशियल सर्विसेज एंटिटी Religare Finvest Ltd (RFL) की स्टैंडअलोन व्यवहार्यता और भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल खड़े होते हैं। लगभग 60 का हाई P/E रेशियो, जो शून्य EPS के मुकाबले है, यह बताता है कि बाजार भविष्य में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। MarketsMojo की 'Strong Sell' रेटिंग और 'mildly bearish' टेक्निकल आउटलुक निवेशकों की सतर्कता को उजागर करते हैं। प्रमोटर की कम होल्डिंग यह भी संकेत दे सकती है कि कंपनी के ऑपरेशंस की गहरी जानकारी रखने वालों का इस पर पूरा भरोसा नहीं है। FY28 की पहली तिमाही तक लिस्टिंग की लक्ष्य तिथि को देखते हुए, रेगुलेटरी अप्रूवल और स्मूथ ट्रांजीशन सुनिश्चित करने जैसे एग्जीक्यूशन रिस्क भी बड़े हैं।

हालांकि इंश्योरेंस सेक्टर मजबूत ग्रोथ के लिए तैयार है और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर आर्थिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है, Religare का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। बाजार का वर्तमान सेंटिमेंट, जो स्टॉक में लगातार गिरावट के रूप में दिख रहा है, यह दर्शाता है कि मैनेजमेंट की डीमर्जर से ठोस शेयरधारक वैल्यू बनाने की क्षमता पर विश्वास की कमी है। RFL की सफलता काफी हद तक क्रेडिट रिस्क को प्रभावी ढंग से मैनेज करने, कड़े रेगुलेटरी माहौल में प्रतिस्पर्धा करने और प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी। फिलहाल, निवेशक सतर्क हैं और वे केवल रीस्ट्रक्चरिंग की घोषणाओं पर भरोसा करने के बजाय परिचालन सुधार और वित्तीय सुधार के ठोस सबूत का इंतजार कर रहे हैं। कंपनी की अनुमानित इंट्रिंसिक वैल्यू ₹559.26 और मौजूदा ट्रेडिंग प्राइस के बीच एक बड़ा अंतर बाजार के संदेह को दर्शाता है, शायद कंपनी के Troubled History को देखते हुए ऐसे वैल्यूएशन की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.