Reliance Industries के शेयर में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। दो बड़े ट्रेडर्स ने कंपनी के डेरिवेटिव्स में भारी पोजीशन ली है, जो मार्केट की तय लिमिट का **3%** पार कर गई है। यह हलचल ऐसे वक्त पर हुई है जब शेयर अपने **₹1,152.20** के 52-वीक लो से रिकवरी की कोशिश कर रहा है और निवेशकों की नजर **₹30,213 करोड़** के Jio Platforms IPO पर टिकी है।
डेरिवेटिव्स मार्केट में बढ़ी हलचल
Reliance Industries के डेरिवेटिव सेगमेंट में असामान्य गतिविधि दर्ज की गई है। दो बड़े ट्रेडर्स ने इतनी भारी मात्रा में पोजीशन ली है कि इसने कुल मार्केट-वाइड लिमिट का 3% हिस्सा पार कर लिया है। फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) मार्केट में यह गतिविधियां निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं, खासकर तब जब शेयर ने हाल ही में अक्टूबर के मध्य में ₹1,152.20 का 52-वीक लो बनाया था।
Jio IPO का दम
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस उठापटक के पीछे Jio Platforms का आने वाला IPO है, जिससे कंपनी करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। लंबे समय से Reliance Industries अपने कुल बिजनेस वैल्यूएशन के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड कर रही है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Jio Platforms की लिस्टिंग से इस बिजनेस का सही मार्केट प्राइस पता चलेगा, जिससे मौजूदा डिस्काउंट कम हो सकता है।
चुनौतियां और विदेशी निवेशकों का रुख
तेजी की उम्मीदों के बावजूद, कंपनी के सामने मुश्किलें कम नहीं हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी हिस्सेदारी कम की है, जो मिड-2026 तक घटकर 17.2% पर आ गई है। साथ ही, करेंसी में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों ने भी इस साल स्टॉक पर दबाव बनाए रखा है।
निवेशकों के लिए रिस्क
डेरिवेटिव्स में इतने बड़े सौदे यह तो बताते हैं कि ट्रेडर्स को बड़ी मूवमेंट की उम्मीद है, लेकिन इनमें जोखिम भी अधिक होता है। अगर Jio IPO या बाजार की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो यह केंद्रित पोजीशन शेयर में भारी अस्थिरता पैदा कर सकती है। निवेशकों को सलाह है कि वे एक्सचेंज के अपडेट्स पर नजर रखें और स्टॉक की रिकवरी को ध्यान से मॉनिटर करें।
