Reliance Industries घरेलू बॉन्ड मार्केट से **₹12,500 करोड़** जुटाने की योजना बना रही है, जिसके लिए **7.47%** का कूपन रेट तय किया गया है। यह कदम कॉरपोरेट डेट मार्केट में नए बेंचमार्क सेट कर सकता है।
बॉन्ड इश्यू की पूरी गणित
दिग्गज कंपनी Reliance Industries एक बार फिर अपने फंड जुटाने के अभियान पर निकल पड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ₹10,000 करोड़ के बेस इश्यू और ₹2,500 करोड़ के ग्रीन-शू विकल्प के जरिए कुल ₹12,500 करोड़ बाजार से जुटाने की तैयारी में है। ये बॉन्ड 5 साल की अवधि के होंगे और इन पर 7.47% का कूपन (Coupon) देने की चर्चा है। यह नवंबर 2023 के बाद कंपनी का पहला घरेलू बॉन्ड ऑफर होगा।
क्यों अहम है यह कदम?
आजकल बड़ी कंपनियां बैंक लोन के बजाय बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं ताकि भविष्य में ब्याज दरों (Interest rates) के बदलने से होने वाले जोखिम को कम किया जा सके। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की भविष्य की नीतियों को देखते हुए, रिलायंस का यह कदम अन्य बड़ी कंपनियों के लिए एक प्राइसिंग बेंचमार्क के रूप में काम कर सकता है।
इस संभावित ट्रांजेक्शन को मैनेज करने के लिए Axis Bank, ICICI Bank, HDFC Bank और YES Bank के नाम सामने आ रहे हैं। रिलायंस का फाइनेंशियल प्रोफाइल काफी मजबूत है, जिसका प्रमाण 2026-27 के पहले क्वार्टर के नतीजे हैं, जिसमें कंपनी ने ₹340,257 करोड़ की रेवेन्यू और ₹23,196 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट कमाया था।
निवेशकों के लिए अपडेट
अभी तक NSE या BSE पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, इसलिए निवेशकों को एक्सचेंज फाइलिंग्स का इंतजार करना चाहिए। कंपनी की लगातार बढ़ती कैपिटल स्पेंडिंग और बिजनेस विस्तार को देखते हुए, यह फंड जुटाने का तरीका उनकी लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का एक हिस्सा है।
