Reliance Industries ने **10** साल के लिए **₹13,000 करोड़** का फंड जुटाया है, जिस पर **7.90%** का सालाना ब्याज मिलेगा। इस डील में State Bank of India (SBI) मुख्य खरीदार बनकर उभरा है।
भारी भरकम फंडरेजिंग की इनसाइड स्टोरी
इस बॉन्ड इश्यू के जरिए Reliance Industries ने कुल ₹13,000 करोड़ का निवेश हासिल किया है। इसमें State Bank of India (SBI) की भूमिका सबसे अहम रही है, जिसने कुल इश्यू का 40% हिस्सा यानी लगभग ₹5,200 करोड़ के बॉन्ड्स सब्सक्राइब किए हैं। इन बॉन्ड्स की मेच्योरिटी अवधि 10 साल है और कंपनी इन पर 7.90% का कूपन (ब्याज) देगी।
क्यों जुटाया जा रहा है पैसा?
Reliance अपनी टेलीकॉम, रिटेल और न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स में बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। इस फंडिंग के जरिए कंपनी ने अगले 10 साल के लिए अपना ब्याज खर्च फिक्स कर लिया है, जिससे भविष्य में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव होने पर भी कंपनी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
रेटिंग और निवेशकों का भरोसा
इन बॉन्ड्स को CRISIL और CareEdge जैसी एजेंसियों से टॉप रेटिंग मिली है। यही कारण है कि SBI Pension Fund और ICICI Prudential Life Insurance जैसे बड़े संस्थागत निवेशक इसमें पैसा लगाने के लिए तैयार हुए हैं।
निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?
इतने बड़े कर्ज का मतलब है कि कंपनी पर आने वाले समय में ब्याज चुकाने की जिम्मेदारी बढ़ेगी। हालांकि, ग्रोथ के लिए यह जरूरी है, लेकिन निवेशकों को अब कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और इन फंड्स से शुरू होने वाले नए प्रोजेक्ट्स पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह देखा जा सके कि कंपनी का मुनाफा इन ब्याज लागतों से ज्यादा बढ़ रहा है या नहीं।
