Reliance Industries ने अगले दो सालों के लिए हर साल **$15 बिलियन** के मेगा निवेश (Capex) की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी अपनी डिजिटल आर्म, Jio Platforms के IPO का सहारा लेगी, जिसका बड़ा हिस्सा सब्सिडियरी का कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा।
कर्ज घटाने की रणनीति
कंपनी की इस योजना का एक अहम हिस्सा कर्ज प्रबंधन है। रिलायंस अपने Jio Platforms के IPO से मिलने वाली राशि में से करीब $3.4 बिलियन यानी लगभग ₹27,500 करोड़ का उपयोग Reliance Jio Infocomm का कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इस कदम से कंपनी न केवल अपने इंटरेस्ट कॉस्ट (interest costs) को कम करना चाहती है, बल्कि अपनी बैलेंस शीट को भी पहले से अधिक मजबूत बनाना चाहती है।
फाइनेंशियल सेहत और Moody's की राय
इतने बड़े निवेश के बावजूद, रेटिंग एजेंसी Moody's ने कंपनी के डेट प्रोफाइल को लेकर भरोसा जताया है। एजेंसी का अनुमान है कि कंपनी का नेट डेट-टू-ऑपरेटिंग प्रॉफिट रेश्यो 1 से 1.2 गुना के बीच बना रहेगा, जो एक आरामदायक स्थिति मानी जाती है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी भारी-भरकम विस्तार योजनाओं के बावजूद कर्ज के बोझ तले नहीं दबेगी।
Jio Platforms का बढ़ता दबदबा
Jio Platforms अब रिलायंस की ग्रोथ का मुख्य इंजन बन चुका है। मार्च 2026 तक समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में, कंपनी के कुल ऑपरेटिंग प्रॉफिट में इसका योगदान 37% रहा है। IPO के जरिए लिस्टिंग से इन डिजिटल संपत्तियों की वैल्यूएशन और अधिक स्पष्ट हो जाएगी, जो लंबे समय में शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का काम कर सकती है। अब निवेशकों की नजरें IPO की तारीख और निवेश की रफ्तार पर टिकी हैं।
