Real Touch Finance Share: कमाई बढ़ी पर Profit आधा! Q3 नतीजों ने निवेशकों को चौंकाया

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AuthorMehul Desai|Published at:
Real Touch Finance Share: कमाई बढ़ी पर Profit आधा! Q3 नतीजों ने निवेशकों को चौंकाया
Overview

Real Touch Finance Limited ने अपने हालिया Q3 FY26 नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी की कमाई (Revenue) तो **14.77%** बढ़ी है, लेकिन मुनाफा (Profit After Tax - PAT) आधे से ज़्यादा, यानी **50.11%** गिर गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह बढ़े हुए फाइनेंस कॉस्ट और इम्पेयरमेंट को बताया जा रहा है।

Q3 FY26 के आंकड़े क्या कहते हैं?

Real Touch Finance Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के अपने अन-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। वित्तीय वर्ष 2026 (Q3 FY26) की तीसरी तिमाही में, कंपनी की कुल आय (Total Income) पिछले साल की इसी अवधि के ₹765.66 लाख के मुकाबले 14.77% बढ़कर ₹878.70 लाख दर्ज की गई। लेकिन, बॉटम लाइन पर बड़ा झटका लगा, जहां प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹171.89 लाख से 50.11% गिरकर सिर्फ ₹85.75 लाख रह गया। इसका सीधा असर बेसिक ईपीएस (Basic EPS) पर भी पड़ा, जो 50% घटकर ₹0.68 हो गया।

नौ महीनों के आंकड़े

वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो, कुल आय में 35.26% का दमदार उछाल देखने को मिला, जो ₹2083.68 लाख से बढ़कर ₹2818.41 लाख तक पहुंच गई। इस अवधि में नेट प्रॉफिट (PAT) में 7.52% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹422.42 लाख दर्ज किया गया। बेसिक ईपीएस (Basic EPS) भी 7.42% बढ़कर ₹3.33 पर पहुंचा।

मुनाफे में गिरावट की वजह

कंपनी के नतीजों पर विश्लेषकों की गहरी नज़र है। तिमाही नतीजों में मुनाफा गिरने की मुख्य वजहें बढ़े हुए फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) और फाइनेंसियल इंस्ट्रूमेंट्स पर हुए इम्पेयरमेंट (Impairment on Financial Instruments) को बताया जा रहा है। यह संकेत देता है कि कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चे बढ़ रहे हैं और उसे कुछ प्रोविजनिंग (Provisioning) करनी पड़ी है, जिसने मुनाफे को दबाया है।

ऑडिटर्स की रिपोर्ट

यह भी गौरतलब है कि कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर, M/s G.S. Chugh & Associates, ने नतीजों की लिमिटेड रिव्यू (Limited Review) की है और कहा है कि इसमें कोई मटेरियल मिसस्टेटमेंट (Material Misstatement) नहीं मिला है।

आगे क्या?

निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद तिमाही मुनाफा इतना गिरा है। मैनेजमेंट ने नतीजों के साथ भविष्य के लिए कोई गाइडेंस (Guidance) नहीं दिया है, जिससे आगे की राह अनिश्चित लग रही है। आगे चलकर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने बढ़ते खर्चों को कैसे नियंत्रित करती है और मुनाफे को फिर से पटरी पर ला पाती है या नहीं। जब तक मैनेजमेंट से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं आते, तब तक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

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