Radhakishan Damani का Sundaram Finance में ₹1,163 करोड़ का बड़ा दांव!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Radhakishan Damani का Sundaram Finance में ₹1,163 करोड़ का बड़ा दांव!

दिग्गज निवेशक राधाकिशन दमानी ने NBFC कंपनी Sundaram Finance में **₹1,163 करोड़** की हिस्सेदारी खरीदी है। उन्होंने **2.63 मिलियन शेयर** खरीदे हैं। यह निवेश कंपनी के FY26 के शानदार नतीजों के बाद आया है, जिसमें नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹2,058.9 करोड़** और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) **16.4%** बढ़ा है।

Detailed Coverage

दिग्गज निवेशक का बड़ा दांव

जाने-माने निवेशक राधाकिशन दमानी ने Sundaram Finance में 2.63 मिलियन शेयर खरीदकर ₹1,163 करोड़ का एक बड़ा निवेश किया है। इस सौदे ने चेन्नई स्थित इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) में दमानी की एंट्री को कन्फर्म कर दिया है, जो मुख्य रूप से व्हीकल और इक्विपमेंट फाइनेंसिंग पर फोकस करती है।

दमदार नतीजों से कंपनी की चमक बढ़ी

यह निवेश ऐसे समय में आया है जब Sundaram Finance के फाइनेंशल रिजल्ट्स (Financial Results) काफी मजबूत रहे हैं। कंपनी ने 2026 फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹2,058.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹1,879.4 करोड़ से काफी ज्यादा है। वहीं, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 16.4% का सालाना उछाल आया और यह ₹59,908 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 3.03% और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 17.5% रहे।

बिजनेस मॉडल और आगे की रणनीति

Sundaram Finance का मुख्य बिजनेस कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर कार को फाइनेंस करना है। कंपनी अपने कंजर्वेटिव रिस्क मैनेजमेंट (Conservative Risk Management) और ऑटो फाइनेंसिंग में मजबूत ब्रांड के लिए जानी जाती है। अपनी कमाई का दायरा बढ़ाने के लिए, कंपनी ने हाउसिंग फाइनेंस, इंश्योरेंस और एसेट मैनेजमेंट जैसे दूसरे फाइनेंशियल सेगमेंट्स में भी विस्तार किया है। इसके अलावा, कंपनी डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स (Digital Lending Platforms) में भी निवेश कर रही है ताकि लोन एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग को तेज और आसान बनाया जा सके।

शेयर का हाल और निवेशकों के लिए अहम बातें

हाल के दिनों में Sundaram Finance के शेयर में कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया है। पिछले पांच ट्रेडिंग दिनों में शेयर ₹4,491 से घटकर ₹4,430 पर आ गया है। शेयर का 52-हफ्ते का हाई ₹5,640 (4 मार्च 2026) और लो ₹4,000 (4 जून 2026) रहा है। NBFC सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, निवेशकों के लिए कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) बनाए रखना एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। साथ ही, ब्याज दरों में होने वाले बदलाव कंपनी की उधारी लागत और प्रॉफिट मार्जिन को भी प्रभावित कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.