REITs, InvITs पर नया टैक्स नियम: डिविडेंड पर राहत, पर SPV की लागत बढ़ी!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
REITs, InvITs पर नया टैक्स नियम: डिविडेंड पर राहत, पर SPV की लागत बढ़ी!

रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) के निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव आया है। नए टैक्स बिल के तहत, अब REITs और InvITs से मिलने वाला डिविडेंड (Dividend) यूनिट होल्डर्स के लिए टैक्स फ्री होगा। हालांकि, सरकार ने इस कदम को रेवेन्यू-न्यूट्रल बनाए रखने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) पर कॉर्पोरेट टैक्स सरचार्ज को **10%** से बढ़ाकर **25%** कर दिया है।

क्या है नया टैक्स नियम?

टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 के पास होने के बाद, REITs और InvITs के लिए टैक्स का परिदृश्य बदल गया है। 6 अगस्त, 2026 को पारित हुए इस बिल का मकसद निवेशकों के लिए टैक्स को आसान बनाना है। नए नियमों के तहत, REITs और InvITs से यूनिट होल्डर्स को मिलने वाला डिविडेंड इनकम टैक्स के दायरे से बाहर होगा। यह उन SPVs पर भी लागू होता है जो नई कंसेशनल टैक्स रिजीम का पालन करती हैं। कई व्यक्तिगत निवेशकों के लिए यह एक अच्छी खबर है, क्योंकि इससे उनके निवेश से होने वाली आय पर टैक्स का एक स्तर कम हो जाएगा।

SPVs पर बढ़ा सरचार्ज: क्या है वजह?

सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि टैक्स कलेक्शन पर कोई खास असर न पड़े (रेवेन्यू-न्यूट्रल), इस बिल के ज़रिए SPVs के लिए कॉर्पोरेट टैक्स सरचार्ज को 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया है। जो SPVs नई कंसेशनल टैक्स रिजीम चुनेंगी, उन पर यह सरचार्ज लागू होगा। इसके परिणामस्वरूप, इन SPVs के लिए प्रभावी कॉर्पोरेट टैक्स रेट लगभग 28.6% तक पहुंचने की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए नई उलझन?

यह बदलाव निवेशकों के लिए एक दुविधा पैदा कर सकता है। एक तरफ, निवेशकों की जेब में आने वाले पैसे पर टैक्स का बोझ कम हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ, ऑपरेटिंग कंपनियों यानी SPVs पर टैक्स का बोझ बढ़ गया है। चूंकि REITs और InvITs अपनी नकदी का एक बड़ा हिस्सा यूनिट होल्डर्स को बांटने के लिए बाध्य होते हैं, SPV लेवल पर टैक्स बिल बढ़ने से डिविडेंड के रूप में बांटी जाने वाली राशि कम हो सकती है।

यह देखना होगा कि क्या टैक्स-फ्री डिविडेंड का फायदा निवेशकों को कम डिविडेंड भुगतान से संतुलित हो जाएगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि प्रत्येक ट्रस्ट नई टैक्स संरचना के तहत अपने नकदी प्रवाह का प्रबंधन कैसे करता है।

ब्याज आय का क्या होगा?

ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्सिटी (Operational Complexity) एक और परत है जिस पर निवेशकों को ध्यान देना होगा। इन ट्रस्टों से होने वाले वितरण में अक्सर डिविडेंड और इंटरेस्ट दोनों शामिल होते हैं। नया बिल डिविडेंड वाले हिस्से को टैक्स-फ्री बनाता है, लेकिन इंटरेस्ट वाला हिस्सा अलग टैक्स नियमों के अधीन रहेगा। निवेशकों को यह समझने के लिए कि उनकी रिटर्न पर वास्तविक टैक्स प्रभाव क्या होगा, यह ध्यान देना होगा कि ट्रस्ट अपने वितरण को कैसे वर्गीकृत करते हैं।

आने वाले महीनों में, ट्रस्टों के लिए इन बदलावों का अपनी वित्तीय योजना और वितरण नीतियों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने का समय होगा। निवेशकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि वे आने वाली तिमाही नतीजों में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर ध्यान दें, खासकर यह कि SPV स्तर पर बढ़ा हुआ सरचार्ज डिविडेंड भुगतान के स्तर को बनाए रखने की उनकी क्षमता को कैसे प्रभावित करता है। REITs और InvITs में निवेश करने वालों को अपने संबंधित ट्रस्टों से अपडेट पर नज़र रखनी चाहिए ताकि उनके निवेश आय पर विशिष्ट प्रभावों को समझा जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.