डिविडेंड का इंतजार, शेयर में गिरावट
REC Limited का बोर्ड आज फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए चौथे अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) पर फैसला लेगा। पिछले क्वार्टर (Q3 FY26) में कंपनी ने ₹4.60 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था, जो कि Q2 और Q1 के बराबर था। यह सरकारी कंपनी (PSU) पिछले एक साल में 20% से अधिक गिर चुकी है और अपने ₹321.00 के 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रही है। आज शुरुआती कारोबार में शेयर में मामूली (1% से कम) गिरावट देखी गई।
मजबूत नतीजे, फिर भी शेयरों में गिरावट
शेयरों में गिरावट के बावजूद, REC ने दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹4,043 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 0.3% अधिक है। वहीं, कुल रेवेन्यू (Total Revenue) 5% बढ़कर ₹14,910 करोड़ हो गया। कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी जबरदस्त सुधार देखा गया है, जहां ग्रॉस क्रेडिट-इंपेयर्ड रेशियो (Gross Credit-Impaired Ratio) पिछले साल के 1.95% से घटकर 0.88% पर आ गया है, और नेट इंपेयर्ड एसेट रेशियो (Net Impaired Asset Ratio) 0.74% से गिरकर 0.20% हो गया है। हालांकि, कुल खर्च (Total Expenses) 8% से ज्यादा बढ़कर ₹9,836 करोड़ हो गया।
आकर्षक वैल्यूएशन और सेक्टर का साथ
REC के वैल्यूएशन मल्टीपल्स (Valuation Multiples) अपने साथियों की तुलना में काफी आकर्षक हैं। इसका P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 5.06x-5.50x है, जो डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सेक्टर (Diversified Financials Sector) के औसत 25.1x और भारतीय बाजार के औसत 19.9x से काफी कम है। इसके प्रतिद्वंद्वी, जैसे Indian Railway Finance Corp (IRFC) 18.13x के P/E पर और Housing and Urban Development Corporation (HUDCO) 12.43x के P/E पर कारोबार कर रहे हैं। REC एक मजबूत डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) भी प्रदान करती है, जो अनुमानित 6.03% है। कंपनी भारत के ₹46 लाख करोड़ के अनुमानित पावर सेक्टर इन्वेस्टमेंट (Power Sector Investment) से लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, खासकर रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के क्षेत्र में।
फंडामेंटल्स और शेयर की कीमत में बड़ा अंतर
REC Limited के लिए मुख्य चिंता इसके मजबूत फंडामेंटल्स और गिरती शेयर की कीमत के बीच का बड़ा अंतर है। REC अच्छी एसेट क्वालिटी और रेवेन्यू ग्रोथ दिखा रही है, और एनालिस्ट्स (Analysts) इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' (Strong Buy) रेटिंग दे रहे हैं, जो 40% से ज्यादा के अपसाइड का संकेत दे रहे हैं। इसके बावजूद, पिछले साल बाजार ने इस स्टॉक को बेचा है। शेयर 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब है, जो कम निवेशक भरोसे या हाल के नतीजों में पूरी तरह से नहीं दिखाए गए जोखिमों का संकेत देता है। बढ़ते खर्चे, हालांकि परिचालन से जुड़े हैं, अगर रेवेन्यू ग्रोथ धीमी होती है तो मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। बाजार की डिविडेंड की खबर पर प्रतिक्रिया न देना बताता है कि निवेशक इस स्टॉक से आय के बजाय व्यापक आर्थिक या सेक्टर जोखिमों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
विश्लेषकों का भरोसा बरकरार
हाल की गिरावट के बावजूद, एनालिस्ट्स REC पर अत्यधिक सकारात्मक बने हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सत्रह एनालिस्ट्स REC को 'स्ट्रॉन्ग बाय' रेटिंग दे रहे हैं। उनके औसत 12-महीने के प्राइस टारगेट (Price Target) में महत्वपूर्ण अपसाइड का संकेत मिलता है, जो लगभग ₹458.21 से लेकर ₹510 से अधिक तक है, जो 38% से 53% तक संभावित लाभ दर्शाता है। कुछ मॉडल REC के उचित मूल्य (Fair Value) को बहुत अधिक मानते हैं, जिससे पता चलता है कि यह काफी अंडरवैल्यूड (Undervalued) है। यह आशावाद भारत के ऊर्जा परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण में REC की महत्वपूर्ण भूमिका, साथ ही अच्छी तरह से प्रबंधित PSUs के लिए सकारात्मक भावना से उपजा है।
