सरकारी कंपनी REC Ltd ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के मुनाफे में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **6%** की गिरावट आई है और यह **₹4,192.7 करोड़** रहा। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए **₹4.25** प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है।
Detailed Coverage
मुनाफे में गिरावट की वजह?
REC Ltd, जो पावर सेक्टर को फाइनेंसिंग मुहैया कराती है, ने 30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही में ₹4,192.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹4,465 करोड़ था। मुनाफे में आई इस 6% की कमी का मुख्य कारण नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 4% की गिरावट है, जो घटकर ₹5,453 करोड़ रह गई। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि पावर यूटिलिटी कंपनियों की बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल के चलते उन्होंने अपनी लेंडिंग रेट्स (Lending Rates) को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए कम किया है, जिससे इनकम पर असर पड़ा है।
एसेट क्वालिटी और कैपिटल स्ट्रेंथ
मुनाफे में नरमी के बावजूद, REC की वित्तीय सेहत मजबूत बनी हुई है। कंपनी की एसेट क्वालिटी में खासा सुधार देखा गया है, जहां स्टेज-3 लोन (खराब लोन) का अनुपात घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 0.11% पर आ गया है। वहीं, कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Capital Adequacy Ratio) 23.06% है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 15% के न्यूनतम मानदंड से काफी ऊपर है। यह मजबूत कैपिटल बफर कंपनी को भविष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट्स को फंड करने में मदद करेगा।
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ता कदम
REC अब पारंपरिक पावर प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई (Diversify) कर रही है। जून 2026 तक, रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के लिए दिया गया लोन ₹78,596 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कंपनी की कुल संपत्ति का 13.32% है। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स (Infrastructure and Logistics) लेंडिंग का हिस्सा भी कुल लोन एसेट्स का 10% से अधिक, यानी ₹59,289 करोड़ हो गया है। यह स्ट्रेटेजी (Strategy) कंपनी को ग्रीन एनर्जी ट्रांजीशन (Green Energy Transition) के अवसरों का लाभ उठाने में मदद करेगी।
डिविडेंड और बोर्ड अपडेट्स
तिमाही नतीजों के साथ, कंपनी के बोर्ड ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹4.25 प्रति इक्विटी शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की है। इस अंतरिम डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 31 जुलाई 2026 है और भुगतान 23 अगस्त 2026 तक होने की उम्मीद है। इसके अलावा, पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1.55 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी दिया जाएगा, जिसकी रिकॉर्ड डेट 14 अगस्त 2026 है। हाल ही में, कंपनी ने 21 जुलाई 2026 को पूनम चौहान को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director) के तौर पर नियुक्त करके अपनी लीडरशिप टीम का विस्तार किया है।
आगे चलकर, निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कम लेंडिंग यील्ड्स (Lending Yields) का यह ट्रेंड जारी रहता है या रिन्यूएबल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कंपनी का विस्तार आय को सहारा देने में कामयाब होता है। कम बैड-लोन रेशियो बनाए रखते हुए नए लेंडिंग सेगमेंट्स को स्केल करने की क्षमता कंपनी के लॉन्ग-टर्म हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण होगी।
