RBL Bank अब अपने रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए म्यूचुअल फंड और रिटेल ब्रोकिंग के क्षेत्र में उतरने की योजना बना रहा है। बैंक अगले नौ महीनों में कस्टोडियन और सेटलमेंट सेवाएं भी शुरू करने वाला है।
रेवेन्यू बढ़ाने की नई रणनीति
बैंक पारंपरिक लेंडिंग के अलावा अब अपने रेवेन्यू को डायवर्सिफाई करने की ओर कदम बढ़ा रहा है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO आर. सुब्रमण्यकुमार ने बताया कि बैंक अभी इस बात का आकलन कर रहा है कि इन बिजनेस को खुद तैयार किया जाए या किसी कंपनी का अधिग्रहण (Acquisition) किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट को मजबूत करना और नॉन-इंटरेस्ट इनकम यानी फीस से होने वाली कमाई को बढ़ाना है।
नई सेवाएं और विस्तार
म्यूचुअल फंड के साथ-साथ RBL Bank कस्टोडियन और सेटलमेंट सर्विस शुरू करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसकी बुनियादी तैयारी चल रही है और अगले 9 महीने में इसके शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही, बैंक M&A (Merger and Acquisition) फाइनेंस में भी अपनी पहुंच बढ़ा रहा है।
बैंक की फाइनेंशियल सेहत
बैंक ने हाल ही में अपने प्रॉफिटेबिलिटी मैट्रिक्स में सुधार दर्ज किया है। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) पहले के 0.4% से बढ़कर 0.92% पर पहुंच गया है। इसके अलावा नेट इंटरेस्ट इनकम में 25% की वृद्धि देखी गई है। अपनी ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए बैंक का नेटवर्क 650 ब्रांच से बढ़कर जल्द ही 680 हो जाएगा, जिसके लिए 30 नई शाखाएं खोलने की योजना है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
हालांकि यह कदम भविष्य के लिए सकारात्मक दिख रहा है, लेकिन फाइनेंशियल सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए निवेशकों को इसके एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी होगी। नए प्लेटफॉर्म को खड़ा करने या खरीदने में भारी पूंजी की जरूरत होती है और मार्केट के दिग्गजों के बीच अपनी जगह बनाना एक बड़ी चुनौती होगी।
