RBL Bank ने अपना पहला इंटरनेशनल डॉलर बॉन्ड जारी कर **$350 मिलियन** की पूंजी जुटाई है। इस फंड का इस्तेमाल बैंक अपनी GIFT City यूनिट के विस्तार और पुराने शॉर्ट-टर्म लोन को चुकाने में करेगा।
भारी डिमांड के बाद मिली सफलता
RBL Bank के इस डेब्यू इंटरनेशनल बॉन्ड इश्यू को ग्लोबल निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। बैंक की इस पेशकश के लिए निवेशकों से $2.2 बिलियन से अधिक की बोलियां (Orders) प्राप्त हुईं, जो बैंक की मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल पर भरोसा जताती हैं। कंपनी ने इन 5-साल के सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को 5.791% के कूपन रेट पर जारी किया है, जो 16 सितंबर, 2031 को मैच्योर होंगे।
फंड का कहां होगा इस्तेमाल?
बैंक का मुख्य फोकस GIFT City में मौजूद अपनी इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट को मजबूत बनाना है। इस लॉन्ग-टर्म डॉलर फंडिंग से बैंक अपने उन विदेशी कर्ज को रिफाइनेंस करेगा जो शॉर्ट-टर्म नेचर के हैं। इससे बैंक के एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट में सुधार आएगा और विदेशी कारोबार को एक स्थिर फंड बेस मिलेगा। यह फंड बैंक के कुल $1 बिलियन के बॉरोइंग प्रोग्राम का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए रिस्क और सावधानी
हालाँकि यह विस्तार के लिए अच्छा है, लेकिन शेयरधारकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए। डॉलर में कर्ज होने के कारण बैंक पर फॉरेक्स (Currency Risk) का खतरा बना रहेगा। अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो कर्ज चुकाने की लागत बढ़ सकती है। बैंक को इसके लिए हेजिंग स्ट्रैटेजी अपनानी होगी। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों में बदलाव भी आने वाले समय में बैंक की फंडिंग कॉस्ट को प्रभावित कर सकते हैं। इन बॉन्ड्स की लिस्टिंग India International Exchange (IFSC) और NSE IFSC पर की जाएगी।
