RBL Bank के Q2 नतीजों में बिजनेस ग्रोथ तो दमदार दिखी है, लेकिन CASA रेशियो का गिरना एक बड़ा संकेत है। बैंक का डिपॉजिट **34%** बढ़ा है, पर महंगी फंडिंग की चुनौती बढ़ती दिख रही है।
बिजनेस में दम, पर फंड जुटाने की लागत बढ़ी
RBL Bank ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अनंतिम (provisional) आंकड़े जारी किए हैं। बैंक का कुल डिपॉजिट पिछले साल के मुकाबले 34% बढ़कर ₹1.56 लाख करोड़ पर पहुंच गया है, वहीं ग्रॉस एडवांसेज (लोन) में भी 40% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है, जो अब ₹1.43 लाख करोड़ के स्तर पर है।
CASA रेशियो क्यों है चिंता का सबब?
बैंक का CASA रेशियो गिरकर 27.2% पर आ गया है, जो पिछली तिमाही में 29.2% था और पिछले साल इसी दौरान 31.9% था। इसका मतलब यह है कि बैंक अब सस्ते फंड के बजाय महंगी टर्म डिपॉजिट्स पर ज्यादा निर्भर हो रहा है। यह सीधे तौर पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर असर डाल सकता है, जिस पर मार्केट की नजर रहेगी।
लोन ग्रोथ और लिक्विडिटी की स्थिति
बैंक का रिटेल और होलसेल लोन का अनुपात 56:44 रहा। रिटेल सिक्योर एडवांसेज में 51% और होलसेल एडवांसेज में 55% की भारी तेजी दर्ज की गई है। अच्छी बात यह है कि बैंक की लिक्विडिटी पोजीशन मजबूत है; लिक्विडिटी कवरेज रेशियो बढ़कर 148% हो गया है, जो एक साल पहले 127% था।
आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना सबसे जरूरी होगा कि महंगी फंडिंग के बीच बैंक अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करता है और तेजी से बढ़ते लोन पोर्टफोलियो में एसेट क्वालिटी कैसी रहती है।
