RBL Bank ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक के ग्रॉस एडवांसेज़ (Gross Advances) में पिछले साल के मुकाबले **21%** की जबरदस्त बढ़त देखी गई और यह **₹1.17 लाख करोड़** तक पहुंच गए। हालांकि, इस दौरान बैंक की कुल डिपॉजिट्स (Deposits) में सालाना **11%** की ग्रोथ के बावजूद, पिछली तिमाही के मुकाबले **10%** की गिरावट दर्ज की गई। बैंक ने हालिया इक्विटी इनफ्यूजन के बाद महंगी होलसेल फंडिंग को कम करने की रणनीति अपनाई है।
क्या हुआ?
RBL Bank ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने प्रोविजनल बिजनेस आंकड़े जारी किए हैं। इस प्राइवेट लेंडर ने ₹1.17 लाख करोड़ के ग्रॉस एडवांसेज़ दर्ज किए, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 21% अधिक है। बैंक की कुल डिपॉजिट्स ₹1.24 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जो सालाना 11% की बढ़त दिखाती है। हालांकि, मार्च 2026 की तिमाही की तुलना में कुल डिपॉजिट्स में 10% की गिरावट आई है।
डिपॉजिट्स में गिरावट के पीछे की रणनीति
डिपॉजिट्स में आई यह गिरावट बैंक के कुछ होलसेल डिपॉजिट्स को रिन्यू न करने के फैसले से जुड़ी है। यह कदम 18 जून, 2026 को Emirates NBD P.J.S.C. से इक्विटी मिलने के बाद बैंक की लिक्विडिटी (Liquidity) में सुधार का नतीजा है। महंगी होलसेल फंडिंग पर निर्भरता कम करके, बैंक अपनी लायबिलिटी प्रोफाइल को एडजस्ट कर रहा है। वहीं, ₹3 करोड़ से कम की डिपॉजिट्स, जो अक्सर रिटेल सेविंग्स का एक पैमाना होती हैं, उनमें सालाना 13% की बढ़ोतरी हुई है, जो इंडिविजुअल डिपॉजिटर्स को आकर्षित करने में बैंक की लगातार पकड़ को दर्शाती है।
CASA रेश्यो और लिक्विडिटी पोजीशन
बैंक का करंट अकाउंट सेविंग्स अकाउंट (CASA) रेश्यो, जो कम लागत वाले फंड्स को दर्शाता है, इस तिमाही में 29.2% रहा। यह पिछली तिमाही के 33.6% और पिछले साल के 32.5% की तुलना में गिरावट है। कम CASA रेश्यो का मतलब है कि बैंक को अपनी कुल डिपॉजिट्स पर अधिक ब्याज दर देनी पड़ सकती है, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। बैंक ने 133% का एवरेज लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) दर्ज किया, जो रेगुलेटरी जरूरतों से काफी ऊपर है।
लोन बुक ग्रोथ के ट्रेंड्स
बैंक की लोन ग्रोथ विभिन्न ग्राहक सेगमेंट में फैली हुई थी। होलसेल एडवांसेज़ में सबसे अधिक 37% की सालाना और 10% की सीक्वेंशियल बढ़ोतरी देखी गई। कमर्शियल बैंकिंग एडवांसेज़ में भी सालाना 34% की ग्रोथ दर्ज की गई। रिटेल एडवांसेज़, खासकर सिक्योरड लोंस में, सालाना 18% की स्थिर ग्रोथ रेट बनी रही। वर्तमान में, बैंक का बिजनेस मिक्स 55% रिटेल और 45% होलसेल एडवांसेज़ का है।
निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?
चूंकि ये आंकड़े प्रोविजनल हैं, इसलिए निवेशक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को लेकर आगामी तिमाही नतीजों पर नजर रख सकते हैं। कुछ मुख्य बिंदु जिन पर ध्यान देना चाहिए, उनमें यह शामिल है कि क्या होलसेल डिपॉजिट्स में कमी से फंड की लागत कम होगी और क्या Emirates NBD से मिला इक्विटी कैपिटल भविष्य में क्रेडिट ग्रोथ को सहारा देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, CASA रेश्यो के ट्रेंड्स पर भी नजर रखी जाएगी कि क्या बैंक आने वाली तिमाहियों में कम लागत वाली डिपॉजिट्स जुटाने की गति को फिर से हासिल कर पाता है।
