Reserve Bank of India (RBI) ने इनऑपरेटिव (Inoperative) बैंक खातों को फिर से एक्टिवेट करने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब ग्राहक किसी भी ब्रांच या वीडियो सर्विस के जरिए बिना किसी चार्ज के अपने अकाउंट को दोबारा चालू करवा सकते हैं।
अब ब्रांच के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
अगर आपका बैंक अकाउंट पिछले 2 साल से इनऑपरेटिव है, तो अब उसे दोबारा चालू करवाने के लिए आपको अपनी 'होम ब्रांच' जाने की मजबूरी नहीं होगी। नए निर्देशों के अनुसार, ग्राहक अब देश की किसी भी ब्रांच में जाकर अपनी KYC प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा, जो बैंक वीडियो कस्टमर आइडेंटिफिकेशन प्रोसेस (V-CIP) की सुविधा देते हैं, वहां डिजिटल माध्यम से भी खाता एक्टिवेट किया जा सकेगा।
कोई शुल्क नहीं और काम तेजी से
RBI ने साफ कर दिया है कि इनऑपरेटिव खातों को एक्टिवेट करने के लिए बैंक कोई भी सर्विस फीस नहीं वसूल सकते। पहचान और पते का वैध प्रमाण जमा करने के बाद, बैंक को 3 कामकाजी दिनों के भीतर खाते को पूरी तरह से चालू करना होगा। यह कदम बैंकिंग सिस्टम में 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' की बढ़ती संख्या को कम करने के लिए उठाया गया है।
पैसा सुरक्षित है, जानिए कैसे पाएं वापस
अगर किसी खाते में 10 साल से ज्यादा समय तक कोई लेनदेन नहीं होता है, तो उसका बैलेंस 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' माना जाता है और इसे RBI के DEAF (Depositor Education and Awareness Fund) में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि आपका पैसा डूब गया है। ग्राहक इसके लिए UDGAM पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। अगर बैंक आपकी रिक्वेस्ट पर सही प्रतिक्रिया नहीं देता है, तो आप RBI की Integrated Ombudsman Scheme के तहत शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
