RBI Repo Rate Outlook: क्या 6% तक पहुंचेगी रेपो रेट? बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Repo Rate Outlook: क्या 6% तक पहुंचेगी रेपो रेट? बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता

बढ़ती महंगाई दर के चलते मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि RBI की रेपो रेट फाइनेंशियल ईयर 2027 तक **6%** के स्तर तक जा सकती है। **5 अक्टूबर** से होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक पर अब निवेशकों की पैनी नजर है।

महंगाई का बढ़ता दबाव

अगस्त में महंगाई दर बढ़कर 4.82% हो गई है, जो जुलाई में 4.45% पर थी। इसी को देखते हुए अब यह चर्चा तेज हो गई है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपनी पॉलिसी में सख्ती ला सकता है। 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक यह तय करेगी कि आरबीआई इकोनॉमिक ग्रोथ और महंगाई के बीच कैसा तालमेल बिठाता है।

लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर आरबीआई की नजर

सिस्टम में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करने के लिए आरबीआई काफी सक्रिय है। FCNR(B) डिपॉजिट के जरिए आए $127 बिलियन के निवेश से लिक्विडिटी सितंबर की शुरुआत में ₹11.16 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। इसे कंट्रोल करने के लिए आरबीआई ने OMO सेल्स और वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो जैसे टूल्स का सहारा लिया। नतीजतन, यह अतिरिक्त लिक्विडिटी अब घटकर ₹4.85 लाख करोड़ के करीब आ गई है।

बॉन्ड मार्केट में हलचल

ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G-Secs) पर साफ दिख रहा है। 5 साल के बॉन्ड्स की यील्ड 45 बेसिस पॉइंट्स चढ़ी है, जबकि 10 साल वाले बॉन्ड्स में 24 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी देखी गई है। सरकार के ₹7.86 लाख करोड़ के बरोइंग प्रोग्राम और आरबीआई के रुख के कारण बॉन्ड यील्ड्स में अस्थिरता बनी हुई है।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

हायर इंटरेस्ट रेट का मतलब है कंपनियों के लिए कर्ज का महंगा होना। हालांकि, भारत की ज्यादातर कंपनियों के बैलेंस शीट मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को क्रूड ऑयल की कीमतें (जो $100 प्रति बैरल के पार हैं) और आने वाले MPC के फैसलों पर नजर बनाए रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.