RBI Repo Rate: महंगाई पर लगाम के लिए RBI का बड़ा एक्शन, रेपो रेट बढ़कर **5.50%** हुआ

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RBI Repo Rate: महंगाई पर लगाम के लिए RBI का बड़ा एक्शन, रेपो रेट बढ़कर **5.50%** हुआ

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने रेपो रेट को **25 बेसिस पॉइंट्स** बढ़ाकर **5.50%** कर दिया है। केंद्रीय बैंक अब 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) की राह पर है, जिससे कर्ज महंगा होना तय है।

ब्याज दरों का नया दौर

करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह कदम 'न्यूट्रल' स्टैंड से हटकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की तरफ शिफ्ट होने का संकेत है। केंद्रीय बैंक का मुख्य लक्ष्य अब हर हाल में महंगाई को कंट्रोल करना है।

आगे और कितनी बढ़ेगी दरें?

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS Securities के एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। उनके अनुमान के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2027 के दौरान कुल 50 से 75 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे यह साफ है कि आने वाले महीनों में कर्जदारों को अधिक दरों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

महंगाई का दबाव बना हुआ है। RBI का लक्ष्य महंगाई को 4% पर रखने का है, लेकिन यह लक्ष्य फिलहाल दूर है। तीसरी तिमाही में रिटेल महंगाई 6.0% और चौथी तिमाही में 5.7% रहने का अनुमान है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई चेन में दिक्कतें इसका मुख्य कारण हैं।

आपकी जेब पर असर

ब्याज दरें बढ़ने का सीधा असर आपके होम, ऑटो और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ेगा। बैंक अब अपना फंड कॉस्ट ग्राहकों पर डालना शुरू करेंगे। हालांकि, इन कठिन हालातों के बावजूद भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान है, जो देश की इकोनॉमी की मजबूती को दर्शाता है।

लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर फोकस

बैंकिंग सिस्टम में फिलहाल जो सरप्लस कैश है, उसे सोखने के लिए RBI अब फॉरेन एक्सचेंज स्वैप और ओपन मार्केट ऑपरेशंस का सहारा लेगा। इसका मकसद बाजार में पैसों की सप्लाई को नियंत्रित करना है ताकि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर तेजी से मार्केट तक पहुंचे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.