RBI का कड़ा रुख, Ujjivan SFB को लगा बड़ा झटका
Ujjivan Small Finance Bank के निवेशकों के लिए बुरी खबर आई है। देश के केंद्रीय बैंक, RBI (Reserve Bank of India) ने बैंक की यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए भेजी गई अर्जी को नामंजूर कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Ujjivan SFB ने मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए थे और माइक्रोफाइनेंस (MFI) सेक्टर में भी रिकवरी के संकेत दिख रहे थे।
क्यों ठुकराई अर्जी? लोन में डायवर्सिफिकेशन की कमी
RBI ने अपनी अर्जी वापसी के पीछे मुख्य वजह बैंक के लोन पोर्टफोलियो में 'पर्याप्त डायवर्सिफिकेशन' की कमी बताई है। हालाँकि RBI ने माना कि बैंक ने इस दिशा में कुछ प्रगति की है, लेकिन उनका मानना है कि अभी इसमें और सुधार की गुंजाइश है। इस खबर के बाद, 15 अप्रैल 2026 को Ujjivan SFB के शेयर में 6% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि BSE Sensex जैसे प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में थे।
Ujjivan SFB के नतीजे थे शानदार
यह ध्यान देने वाली बात है कि RBI के इस फैसले के बावजूद, Ujjivan SFB ने हालिया नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया था। बैंक का नेट प्रॉफिट 71% बढ़कर ₹186 करोड़ हो गया था। बैंक के ग्रॉस लोन बुक में 21.6% की सालाना बढ़ोतरी हुई और डिपॉजिट्स में 22.4% की वृद्धि दर्ज की गई। इन मजबूत नतीजों के बावजूद, यूनिवर्सल बैंकिंग स्टेटस मिलने में देरी से निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
माइक्रोफाइनेंस पर ज्यादा निर्भरता
Ujjivan SFB की लोन बुक पर नजर डालें तो यह माइक्रोफाइनेंस पर काफी निर्भर है। Q3FY26 तक, बैंक के ₹37,057 करोड़ के ग्रॉस लोन बुक का करीब 45% हिस्सा ग्रुप लोन (माइक्रोफाइनेंस) का था। RBI के नियमों के मुताबिक, यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए लोन पोर्टफोलियो का विविध होना और पिछले 5 साल का ट्रैक रिकॉर्ड जरूरी है। हालांकि Ujjivan SFB के ग्रॉस NPA 2.4% जैसे एसेट क्वालिटी में सुधार दिखा है, पर RBI के डायवर्सिफिकेशन की मांग पूरी नहीं हुई है।
AU SFB को मिली मंजूरी, Ujjivan को करनी होगी और मेहनत
इस मामले में AU Small Finance Bank का उदाहरण देखें, जिसे पिछले साल ही RBI से यूनिवर्सल बैंक बनने की मंजूरी मिल गई थी। यह दर्शाता है कि Ujjivan SFB को अपने लोन बुक को और ज्यादा डायवर्सिफाई करने की जरूरत है।
वैल्यूएशन पर भी उठ रहे सवाल
कुछ विश्लेषकों के अनुसार, Ujjivan SFB का वैल्यूएशन (P/E ratio लगभग 23.76) कुछ अन्य बैंकों की तुलना में थोड़ा महंगा है। हाल ही में, Mojo Grade को 'Buy' से 'Hold' किया गया है, जिसका एक कारण हाई वैल्यूएशन और रिलेटिव परफॉरमेंस में कमी बताई गई है।
आगे का रास्ता
इस झटके के बावजूद, Ujjivan SFB ने कहा है कि वे अपने लोन पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने पर काम कर रहे हैं और भविष्य में दोबारा यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे। फिलहाल, 23 विश्लेषकों में से अधिकांश (consensus) 'Strong Buy' की रेटिंग दे रहे हैं। उनका औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹73.86 है, जो मौजूदा स्तर से करीब 22.49% ऊपर जाने का संकेत देता है। भविष्य में इकोनॉमिक ट्रेंड्स और रेगुलेटरी फोकस Ujjivan SFB के यूनिवर्सल बैंक बनने के सफर में अहम भूमिका निभाएंगे।