आरबीआई ने ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शेयर योजना को ठुकराया, प्रमोटर होल्डिंग में कमी में देरी

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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
आरबीआई ने ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की शेयर योजना को ठुकराया, प्रमोटर होल्डिंग में कमी में देरी
Overview

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए एक प्रस्तावित शेयरधारिता व्यवस्था को अस्वीकार कर दिया है। इस योजना में Dia Vikas Capital Private Limited द्वारा शेयर खरीदना शामिल था, जिसका उद्देश्य प्रमोटर की हिस्सेदारी कम करना था। हालांकि, आरबीआई ने Dia Vikas Capital को बैंक की भुगतान की गई पूंजी (paid-up capital) के 5% से अधिक का अधिग्रहण करने की अनुमति नहीं दी है। अब ईएसएएफ फाइनेंशियल होल्डिंग्स, जो प्रमोटर है, को आरबीआई के स्वामित्व नियमों का पालन करने और अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए एक नई रणनीति बनानी होगी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक को सूचित किया है कि उसने एक व्यवस्था योजना (scheme of arrangement) को अस्वीकार कर दिया है, जिससे Dia Vikas Capital Private Limited को शेयर हासिल करने की अनुमति मिलती, जिससे बैंक में उसकी हिस्सेदारी 12% से अधिक हो जाती। आरबीआई ने विशेष रूप से कहा कि Dia Vikas Capital द्वारा भुगतान की गई शेयर पूंजी (paid-up share capital) के 5% से अधिक शेयरों का अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस योजना का मूल उद्देश्य ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में प्रमोटर शेयरधारिता (promoter shareholding) को कम करना था। ईएसएएफ फाइनेंशियल होल्डिंग्स, जो 52.92% हिस्सेदारी के साथ प्रमोटर इकाई है, अब आरबीआई के बैंक स्वामित्व दिशानिर्देश 2023 (Bank Ownership Directions 2023) का पालन करने के लिए एक वैकल्पिक योजना विकसित करने का कार्य सौंपा गया है। नई रणनीति के अंतिम रूप दिए जाने तक, वर्तमान योजना को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (National Company Law Tribunal - NCLT) में दायर नहीं किया जाएगा। इस योजना को पहले ईएसएएफ फाइनेंशियल होल्डिंग्स के निदेशक मंडल द्वारा 20 दिसंबर, 2024 को मंजूरी दी गई थी, जिसका उद्देश्य कुल प्रमोटर होल्डिंग को उस समय के 58.98% से घटाकर 44.42% करना था।

Impact
इस नियामक अस्वीकृति ने ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक की प्रमोटर शेयरधारिता को कम करने की योजना में काफी देरी की है, जिससे प्रमोटर समूह को आरबीआई के कड़े स्वामित्व दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए पुन: रणनीति बनानी होगी। यह बैंक के पूंजीगत संरचना के विकास और अनुपालन समय-सीमाओं के पालन को प्रभावित कर सकता है।
Impact Rating: 5/10

Difficult Terms:
Reserve Bank of India (RBI): भारत का केंद्रीय बैंक, जो देश की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार है।
Scheme of Arrangement: कंपनी द्वारा अपनी संरचना को पुनर्गठित करने की एक अदालत-अनुमोदित योजना, जिसमें अक्सर विलय, अधिग्रहण, पूंजी में कमी, या शेयर समेकन शामिल होता है।
Promoter Shareholding: किसी कंपनी के संस्थापकों या मूल प्रमोटरों द्वारा रखे गए शेयरों का प्रतिशत।
Paid-up Share Capital: शेयरधारकों द्वारा कंपनी को उनके शेयरों के लिए भुगतान की गई कुल राशि।
National Company Law Tribunal (NCLT): भारत में एक अर्ध-न्यायिक निकाय जो कंपनियों से संबंधित मामलों का अधिनिर्णय करता है।
Bank Ownership Directions 2023: आरबीआई द्वारा जारी किए गए नियम जो भारत में बैंकों के स्वामित्व और नियंत्रण के लिए सीमाएं और दिशानिर्देश निर्धारित करते हैं।

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