रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Tata Sons की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कंपनी ने कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी का दर्जा छोड़ने की मांग की थी। इसके बाद अब कंपनी का शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य हो गया है। साथ ही, HDFC Bank ने अपने मौजूदा CEO Sashidhar Jagdishan के उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी है।
Tata Sons के लिए लिस्टिंग का रास्ता साफ
RBI के इस सख्त फैसले के बाद Tata Sons को अब 'अपर लेयर' नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों के लिए बने लिस्टिंग नियमों का पालन करना होगा। यह निर्णय कंपनी के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत है। हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक टाइमलाइन या ड्राफ्ट फाइलिंग की जानकारी नहीं आई है। Tata Trusts के चैरिटेबल उद्देश्यों और कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर के बीच तालमेल बिठाना कंपनी के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती होगी।
HDFC Bank में लीडरशिप बदलाव
बैंक के मौजूदा एमडी और सीईओ Sashidhar Jagdishan ने अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है और वे 26 अक्टूबर 2026 को पद छोड़ देंगे। बैंक के बोर्ड ने आरबीआई की मंजूरी के लिए दो आंतरिक उम्मीदवारों के नाम भेजे हैं।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
बैंक अपनी लीडरशिप को मजबूत करने के लिए बोर्ड का विस्तार कर रहा है और अब 4 होल-टाइम डायरेक्टर होंगे। हाल ही में Jimmy Tata को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है और V. Srinivasa Rangan को फिर से बोर्ड में शामिल किया गया है। बैंक का पूरा ध्यान पोस्ट-मर्जर इंटीग्रेशन के बाद ऑपरेशनल स्टेबिलिटी बनाए रखने पर है ताकि निवेशकों का भरोसा बना रहे।
