RBI की करेंसी पाबंदियों का Banking Sector पर असर
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उस फैसले से भारतीय बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसमें बैंकों की ओपन करेंसी पोजीशन पर $100 मिलियन की दैनिक सीमा तय की गई है। इस रेगुलेटरी कदम से बैंकों के ट्रेजरी ऑपरेशंस और करेंसी रिस्क मैनेजमेंट की फ्लेक्सिबिलिटी पर असर पड़ा है। इसका नतीजा यह हुआ कि निफ्टी और सेंसेक्स जैसे प्रमुख भारतीय इंडेक्स गिरावट पर ट्रेड कर रहे थे, और निफ्टी बैंक इंडेक्स में खास तौर पर बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
सप्लाई टेंशन और बड़े सौदों से Commodity में उछाल
दूसरी तरफ, मिडिल ईस्ट में Emirates Global Aluminium और Aluminium Bahrain जैसे प्रमुख एल्युमीनियम स्मेल्टर को मिसाइल और ड्रोन हमलों से हुए नुकसान की खबरों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसके चलते एल्युमीनियम शेयरों में जबरदस्त तेजी आई। Hindalco Industries के शेयर करीब 3.02% बढ़े, Vedanta में 3.37% की उछाल आई, और National Aluminium Company (NALCO) 5.53% की मजबूती के साथ सबसे आगे रहा।
इसी बीच, Coal India के शेयर करीब 3.1% चढ़कर ₹458.85 पर पहुंच गए। कंपनी ने तेलंगाना पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन से 750 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) हासिल किया है, जिसकी अनुमानित वैल्यू ₹1,057.09 करोड़ है। यह डील कंपनी के कोर कोल माइनिंग ऑपरेशन्स से आगे बढ़ने का संकेत देती है।
PSU स्टॉक्स ने दिखाई मजबूती
मार्केट में आई गिरावट के बीच चुनिंदा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) के शेयरों ने अच्छी मजबूती दिखाई। निफ्टी CPSE इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट को पीछे छोड़ते हुए बढ़त दर्ज की। Oil And Natural Gas Corporation (ONGC) और Bharat Electronics (BEL) जैसे स्टॉक्स ने इसमें अहम योगदान दिया।
IRB इंफ्रास्ट्रक्चर का बोनस इश्यू
IRB Infrastructure Developers के शेयर में भी जोरदार तेजी देखी गई, जो 10% से ऊपर कारोबार करने के बाद करीब 9.28% की बढ़त पर बंद हुए। इस उछाल की वजह कंपनी द्वारा 1:1 के बोनस इश्यू की घोषणा थी। बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 1 अप्रैल, 2026 है, जबकि एक्स-बोनस डेट 30 मार्च, 2026 तय की गई है।