Credit Card Fraud के शिकार हुए हैं? RBI के इन नियमों से बचाएं अपना पैसा और जीरो लायबिलिटी का उठाएं फायदा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Credit Card Fraud के शिकार हुए हैं? RBI के इन नियमों से बचाएं अपना पैसा और जीरो लायबिलिटी का उठाएं फायदा

अगर आपके क्रेडिट कार्ड से कोई अनाधिकृत ट्रांजेक्शन हुआ है, तो घबराएं नहीं। RBI के नियमों के अनुसार, धोखाधड़ी की रिपोर्ट 3 कार्य दिवसों के भीतर करने पर आपको जीरो लायबिलिटी (Zero Liability) का लाभ मिल सकता है।

क्रेडिट कार्ड पर कोई भी संदिग्ध लेनदेन (Unauthorized transaction) दिखते ही तुरंत एक्शन लेना बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाई हैं। सबसे पहला कदम यह है कि आप अपने बैंक के ऑफिशियल कस्टमर केयर को फोन कर तुरंत अपना कार्ड ब्लॉक करवाएं, ताकि और किसी भी तरह के नुकसान को रोका जा सके।

जीरो लायबिलिटी का फायदा कैसे उठाएं?

RBI के फ्रेमवर्क के मुताबिक, अगर आप धोखाधड़ी की सूचना बैंक को घटना के 3 वर्किंग डेज के भीतर दे देते हैं, तो आपकी देनदारी जीरो हो जाती है। यानी उस नुकसान का बोझ बैंक उठाएगा। यदि रिपोर्टिंग में देरी होती है, तो लायबिलिटी आपकी और बैंक की पॉलिसी के आधार पर तय की जाती है।

शैडो रिवर्सल (Shadow Reversal) की सुविधा

बैंक को आपकी शिकायत दर्ज करने के बाद 10 वर्किंग डेज के भीतर 'शैडो रिवर्सल' देना अनिवार्य है। इसका मतलब है कि जांच के दौरान वह रकम आपके अकाउंट में वापस आ जाती है। इस दौरान आप अपने बाकी बिलों का भुगतान जारी रखें, लेकिन डिस्प्यूटेड राशि पर आपसे कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।

शिकायत का समाधान न होने पर क्या करें?

अगर बैंक आपकी शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं करता है, तो आप बैंक की इंटरनल ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म में इसे बढ़ा सकते हैं। अगर वहां भी बात न बने, तो आप RBI के Integrated Ombudsman Scheme का दरवाजा खटखटा सकते हैं। अपनी सारी ईमेल बातचीत, स्क्रीनशॉट्स और शिकायत नंबर (Reference Numbers) को संभाल कर रखें, ये भविष्य में बहुत काम आएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.