भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ICICI Prudential Asset Management Company को AU Small Finance Bank में **9.95%** तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से कंपनी को अपने म्यूचुअल फंड, AIF और PMS के जरिए निवेश बढ़ाने की आजादी मिलेगी।
मंजूरी की शर्तें और समय-सीमा
RBI की ओर से मिली यह अनुमति अनिवार्य नहीं, बल्कि एक 'परमिशन' है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) को यह अधिग्रहण 1 साल के भीतर पूरा करना होगा, जिसकी डेडलाइन 8 सितंबर, 2026 को जारी पत्र से शुरू हो गई है। यदि इस अवधि में खरीदारी पूरी नहीं होती है, तो यह मंजूरी अपने आप समाप्त हो जाएगी।
नियम और रेगुलेशन का दायरा
यह डील पूरी तरह से रेगुलेटरी नियमों के अधीन है। AMC को Banking Regulation Act 1949 और FEMA 1999 के साथ-साथ SEBI के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करेगा कि कुल हिस्सेदारी किसी भी हाल में 9.95% की निर्धारित सीमा से ऊपर न जाए।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह फैसला AU Small Finance Bank में बड़े संस्थानों के भरोसे को दर्शाता है। AMC को मिली यह फ्लेक्सिबिलिटी उसे बार-बार रेगुलेटरी मंजूरी लेने के झंझट से बचाएगी। हालांकि, यह शेयर खरीदने का आदेश नहीं है, बल्कि एक मौका है। निवेशक आने वाली तिमाही नतीजों (Quarterly Reports) में इस पर नजर रख सकते हैं कि AMC किस तरह से अपनी होल्डिंग को एडजस्ट करती है।
