RBI का कड़ा एक्शन: क्यों रद्द हुआ लाइसेंस?
RBI ने Paytm Payments Bank (PPBL) के बैंकिंग ऑपरेशंस को 24 अप्रैल, 2026 से बंद करने का आदेश दिया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि बैंक लगातार कस्टमर वेरिफिकेशन, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट कंडक्ट से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रहा था, जिससे डिपॉजिटर्स और जनता के हितों को नुकसान पहुँच रहा था। मार्च 2022 से ही PPBL पर नए ग्राहकों को जोड़ने और डिपॉजिट स्वीकार करने पर कई तरह की रोक लगाई जा रही थी। RBI अब इलाहाबाद हाईकोर्ट से PPBL को वाइंड-अप (बंद) करने की मंजूरी मांगेगा। बैंक के पास डिपॉजिट लायबिलिटी को कवर करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी (तरलता) है।
OCL के मुख्य बिजनेस पर कोई असर नहीं
Parent कंपनी One97 Communications (OCL) ने इस स्थिति के लिए पहले से ही तैयारी कर ली थी और अपने जरूरी सर्विसेज को अलग कर लिया था। OCL का पेमेंट प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें लाखों मर्चेंट्स के लिए Paytm QR, साउंडबॉक्स डिवाइस और कार्ड मशीनें शामिल हैं, इस फैसले से अप्रभावित रहेगी। साथ ही, लोन डिस्ट्रीब्यूशन, इंश्योरेंस और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे बिजनेस भी स्वतंत्र रूप से चलते रहेंगे। आपको बता दें कि दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में OCL का ऑपरेटिंग रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 20% बढ़कर ₹2,194 करोड़ रहा। कंपनी का EBITDA ₹156 करोड़ पॉजिटिव रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹225 करोड़ दर्ज किया गया। OCL के मर्चेंट सब्सक्रिप्शन 1.44 करोड़ तक पहुंच गए, जिसमें 27 लाख नए डिवाइस जोड़े गए, जिससे रिकरिंग रेवेन्यू (आवर्ती आय) को मजबूती मिली है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा और विश्लेषकों की मिली-जुली राय
PPBL के रेगुलेटरी इश्यूज से अलग होने के बावजूद OCL के सामने अभी भी कई चुनौतियां हैं। यह एक बेहद कॉम्पिटिटिव फिनटेक मार्केट है। प्रतिद्वंद्वी PhonePe का कंज्यूमर बेस और UPI वॉल्यूम बड़ा है, लेकिन OCL मर्चेंट पेमेंट रेवेन्यू और डिवाइस इंस्टॉलेशन में आगे है। OCL का P/E रेश्यो (प्राइस-टू-अर्निंग) फिलहाल नेगेटिव है, जो मौजूदा समय में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की चुनौती को दर्शाता है। 23-24 अप्रैल, 2026 तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹74,000 करोड़ था। विश्लेषकों की राय मिली-जुली है, रेटिंग 'Buy' से 'Hold' तक है और प्राइस टारगेट ₹630 से ₹850 के बीच हैं। कुछ रिपोर्ट्स में टारगेट ₹1,312.50 या ₹1,576 तक के भी हैं, जो निवेशकों में सावधानी का संकेत देते हैं। फिनटेक सेक्टर 2026 में बढ़ी हुई रेगुलेटरी जांच के दायरे में है। फाउंडर विजय शेखर शर्मा का PPBL के कंप्लायंस इश्यूज से जुड़ाव निवेशकों के लिए सेंसिटिव हो सकता है, भले ही OCL का मुख्य बिजनेस सीधे तौर पर इसमें शामिल न हो। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 2.21 है, जो काफी ज्यादा लीवरेज दिखाता है। MarketsMojo ने स्टॉक को 'Hold' रेटिंग दी है, जिसमें लंबी अवधि की ग्रोथ अच्छी है लेकिन वैल्यूएशन थोड़ा ज्यादा है।
OCL का आगे का रास्ता
Paytm Payments Bank के रेगुलेटरी मसले सुलझने के बाद, One97 Communications अपनी स्ट्रेटेजी को नए फोकस के साथ लागू कर सकती है। यह अलगाव OCL को अपने मर्चेंट नेटवर्क और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल करके फाइनेंशियल सर्विसेज और सब्सक्रिप्शन के जरिए रेवेन्यू बढ़ाने में मदद करेगा। हालांकि, तीव्र प्रतिस्पर्धा और बदलते रेगुलेशंस के बीच अपनी राह बनाना OCL के ग्रोथ और निवेशक के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण होगा।
