RBI ने कसी वित्तीय फर्मों पर नकेल
केंद्रीय बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 150 नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। यह कदम वित्तीय क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के RBI के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है।
दिल्ली और पश्चिम बंगाल पर सबसे ज्यादा असर
RBI की लिस्ट के अनुसार, लाइसेंस रद्द होने वाली कंपनियों की सबसे ज्यादा संख्या कुछ खास राज्यों में केंद्रित है। दिल्ली में 67 कंपनियां प्रभावित हुई हैं, जबकि पश्चिम बंगाल (कोलकाता और आसपास के इलाकों सहित) की 75 फर्मों ने अपने लाइसेंस खो दिए हैं। इसके अलावा तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों की भी कुछ कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
रद्द हुई NBFCs का क्या होगा?
इन प्रभावित कंपनियों, जिनमें कर्ज देने, लीजिंग और निवेश से जुड़ी छोटी और मध्यम दर्जे की फर्मों को अब गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान के तौर पर काम करने की कानूनी इजाजत नहीं है। RBI ने साफ किया है कि ये व्यवसाय अब RBI अधिनियम के तहत आने वाली किसी भी गतिविधि को अंजाम नहीं दे सकते। NBFCs भारत के वित्तीय सिस्टम का अहम हिस्सा हैं, जो बैंकों जैसी सेवाएं देती हैं लेकिन उनके पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं होता। यह डी-रजिस्ट्रेशन, RBI द्वारा अपने नियमों को सख्ती से लागू करने के रवैये को दर्शाता है।
