Bandhan Bank Share: ICICI ग्रुप की एंट्री! RBI ने दी हरी झंडी, 9.95% तक हिस्सेदारी खरीदेंगे

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bandhan Bank Share: ICICI ग्रुप की एंट्री! RBI ने दी हरी झंडी, 9.95% तक हिस्सेदारी खरीदेंगे
Overview

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Bandhan Bank में ICICI Prudential Asset Management Company और ICICI Bank ग्रुप की अन्य संस्थाओं को मिलकर 9.95% तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है। यह अप्रूवल (approval) एक साल के लिए वैध है और कड़े नियामक नियमों के पालन पर निर्भर करेगा।

🏦 RBI का अहम फैसला: ICICI ग्रुप खरीदेगा Bandhan Bank में इतनी बड़ी हिस्सेदारी!

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक अहम फैसला सुनाते हुए Bandhan Bank में ICICI Prudential Asset Management Company और ICICI Bank लिमिटेड के समूह की अन्य कंपनियों को मिलकर कुल 9.95% तक की हिस्सेदारी हासिल करने की आधिकारिक अनुमति दे दी है।

RBI की ओर से 10 फरवरी 2026 को जारी किए गए पत्र के अनुसार, यह मंज़ूरी कई कड़े नियामक नियमों के अनुपालन पर आधारित है। इनमें मुख्य रूप से बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949, RBI के कमर्शियल बैंक (शेयरों या वोटिंग अधिकारों की खरीद और होल्डिंग) निर्देश, 2025, फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट, 1999 और SEBI के नियम शामिल हैं।

महत्वपूर्ण शर्तें और समय-सीमा

इस अप्रूवल की कुछ महत्वपूर्ण शर्तें और समय-सीमाएं तय की गई हैं। सबसे खास है कि यह मंज़ूरी जारी होने की तारीख से एक साल के लिए ही मान्य रहेगी। ICICI समूह को इसी अवधि में अपनी बड़ी हिस्सेदारी हासिल करनी होगी, वरना यह अप्रूवल रद्द हो जाएगा। RBI ने यह भी साफ किया है कि समूह की कुल हिस्सेदारी किसी भी समय 9.95% की सीमा को पार नहीं करनी चाहिए। यदि हिस्सेदारी 5% से नीचे चली जाती है, तो दोबारा 5% या उससे अधिक होने पर RBI से पहले अनुमति लेनी होगी।

रणनीतिक मायने (Strategic Implications)

यह कदम Bandhan Bank के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर (shareholding structure) में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है। ICICI जैसे बड़े वित्तीय समूह का प्रवेश बैंक के लिए नई पूंजी, विशेषज्ञता और संभावित तालमेल (synergistic opportunities) के अवसर ला सकता है। इससे Bandhan Bank की स्थिरता, व्यापक वित्तीय सेवाओं के नेटवर्क तक पहुँच और बाजार में मजबूत स्थिति को बढ़ावा मिल सकता है, बशर्ते कि यह अधिग्रहण तय अवधि में और सभी नियामक शर्तों को पूरा करते हुए हो।

निवेशक अगले एक साल में इस अधिग्रहण के क्रियान्वयन पर बारीकी से नज़र रखेंगे, क्योंकि यह Bandhan Bank के भविष्य की दिशा को बदल सकता है और भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में इसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।

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