रेवेन्यू में उछाल, पर चिंताएं भी...
R R Kabel Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में ₹2,964 करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल किया। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 33.7% का जोरदार इजाफा दिखाता है। इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय कंपनी के Wires & Cables (W&C) सेगमेंट को जाता है, जिसने 36.3% की जबरदस्त रेवेन्यू वृद्धि दर्ज की। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 30.1% बढ़कर ₹168 करोड़ पर पहुंच गया, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
प्रीमियम वैल्यूएशन और इन्वेंटरी का बढ़ता बोझ
इन शानदार नतीजों के बावजूद, R R Kabel का स्टॉक अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो करीब 36-40 के आसपास है, जो सेक्टर के औसत 31.54 से काफी ऊपर है। Polycab India, Havells India, KEI Industries और Siemens जैसी कंपनियों के शेयर भी ऊंचे मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं। R R Kabel का मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹17,700 करोड़ से ₹20,000 करोड़ के बीच है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह प्रीमियम वैल्यूएशन कंपनी की भविष्य की ग्रोथ और जोखिमों को सही ढंग से दर्शाता है। चिंता की एक और बात यह है कि कंपनी की इन्वेंटरी 75.1% बढ़कर ₹1,771 करोड़ हो गई है, जो एक बड़ा उछाल है और इस पर नजर रखने की जरूरत है।
ब्रोकरेज की मिली-जुली राय
Choice Institutional Equities ने कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं को देखते हुए 'BUY' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। हालांकि, कुछ गलत खबरों के अनुसार ₹250 का प्राइस टारगेट Capri Global Capital Limited (CGCL) से जुड़ा हुआ था, न कि R R Kabel से। दूसरी ओर, PL Capital जैसे एनालिस्ट्स ने मार्च 2028 के अनुमानित नतीजों के आधार पर ₹1,964 का टारगेट प्राइस देते हुए 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है। यह दर्शाता है कि विश्लेषकों की कंपनी के वैल्यूएशन और ग्रोथ को लेकर राय बंटी हुई है।
निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम
कंपनी का हाई वैल्यूएशन एक बड़ा जोखिम है। अगर प्रदर्शन धीमा होता है या कंपटीशन बढ़ता है, तो शेयर में बड़ी गिरावट आ सकती है। मध्य-पूर्व जैसे क्षेत्रों में जहां कंपनी एक्सपोर्ट करती है, वहां भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) निकट अवधि में अंतरराष्ट्रीय बिक्री को प्रभावित कर सकते हैं। कॉपर और एल्यूमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से लागत और प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। कंपनी का Fast-Moving Electrical Goods (FMEG) सेगमेंट धीरे-धीरे सुधर रहा है और FY27 तक ब्रेक-ईवन (Breakeven) का लक्ष्य है, लेकिन इसे अभी भी निवेश की आवश्यकता है और यह W&C डिवीजन जितना प्रॉफिटेबल नहीं है। W&C और FMEG दोनों सेगमेंट में कड़ा मुकाबला है, जिसके लिए लगातार इनोवेशन और कॉस्ट कंट्रोल की जरूरत है।
भविष्य की ग्रोथ और निवेश योजनाएं
R R Kabel FY2026-FY2028 के बीच केबल कैपेसिटी बढ़ाने और ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने के लिए ₹1,200 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी की रणनीति ज्यादा मार्जिन वाले केबल्स का उत्पादन बढ़ाने और अपने बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) पहुंच का विस्तार करने की है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 में W&C सेगमेंट में 16-18% और FMEG सेगमेंट में 20-25% की वॉल्यूम ग्रोथ मिलेगी। भारतीय इलेक्ट्रिकल और केबल मार्केट में सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग डिमांड के चलते सालाना 10-12% की ग्रोथ का अनुमान है, जो R R Kabel के विस्तार के लिए एक अनुकूल माहौल तैयार करता है।
