Purple Finance Limited ने ₹69.30 करोड़ का फंड जुटाने का एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी के बोर्ड ने 1.26 करोड़ इक्विटी वारंट्स (Equity Warrants) जारी करने की मंजूरी दी है, जिनका इश्यू प्राइस ₹55 प्रति वारंट होगा। यह फंड कंपनी के कैपिटल बेस को मजबूत करने और उसके एक्सपेंशन (Expansion) के पहियों को तेज करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
यह कदम Purple Finance के लिए नई बात नहीं है। कंपनी इससे पहले भी कई बार फंड जुटा चुकी है। अक्टूबर 2024 में ₹44 करोड़, जून 2025 में ₹40 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) और दिसंबर 2025 में ₹39 करोड़ के इक्विटी वारंट्स से भी पैसा जुटाया गया था।
कंपनी का कहना है कि मौजूदा और नए इन्वेस्टर्स की लगातार भागीदारी उनके बिजनेस मॉडल और लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी पर बढ़ते भरोसे को दिखाती है। जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, Purple Finance 45 ब्रांचों के साथ काम कर रही है और इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹210 करोड़ है। कंपनी 3,800 से अधिक इक्विटी शेयरहोल्डर्स और 4,000 से अधिक नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) होल्डर्स को अपनी सेवाएं दे रही है।
आगे की राह और जोखिम:
कंपनी को अपने विस्तार की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने में Execution Risk का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, NBFC सेक्टर बाजार की Volatility के प्रति संवेदनशील होता है, जो AUM ग्रोथ और एसेट क्वालिटी को प्रभावित कर सकता है। कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी काफी हद तक लगातार फंड जुटाने पर निर्भर करती है, जो एक जोखिम हो सकता है अगर मार्केट में फंड जुटाना मुश्किल हो जाए।
निवेशक अब इस बात पर बारीकी से नजर रखेंगे कि ₹69.30 करोड़ का यह नया फंड कैसे खर्च होता है और यह कंपनी के AUM और कुल प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने में कितना मददगार साबित होता है।