NBFC कंपनी Purple Finance अब अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में कदम रखने जा रही है। अपने **₹853 करोड़** के एसेट पोर्टफोलियो को बढ़ाने के लिए कंपनी टियर-3 और टियर-4 शहरों में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है।
हाउसिंग सेक्टर में धमाकेदार एंट्री की तैयारी
Purple Finance ने अपनी बिजनेस स्ट्रेटजी में बड़ा बदलाव करते हुए अफोर्डेबल हाउसिंग लेंडिंग सेक्टर में प्रवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी का लक्ष्य भारत के छोटे कस्बों की डिमांड को भुनाना है। वर्तमान में ₹853 करोड़ का एसेट बेस रखने वाली यह कंपनी अपने 205 शाखाओं के नेटवर्क का इस्तेमाल टियर-3 और टियर-4 शहरों के ग्राहकों तक पहुँचने के लिए करेगी।
विस्तार के दो रास्ते
कंपनी का मैनेजमेंट इस विस्तार के लिए दो विकल्पों पर विचार कर रहा है: या तो किसी मौजूदा हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का अधिग्रहण किया जाए या फिर एक नई सब्सिडियरी बनाई जाए। हाल ही में Saksham Gram Credit के सफल इंटीग्रेशन के बाद कंपनी का हौसला बढ़ा है और अब वह 1,60,000 से ज्यादा कर्जदारों तक अपनी पहुंच बना चुकी है।
नए प्रोडक्ट्स का हुआ ऐलान
हाउसिंग फाइनेंस के अलावा, कंपनी अपने मौजूदा लेंडिंग पोर्टफोलियो को भी अपडेट कर रही है। बोर्ड ने MSME ग्राहकों के लिए 'Purpal Saral' और 'Saksham LAP' जैसे दो नए क्रेडिट प्रोडक्ट्स को मंजूरी दी है। छोटे लोन पीरियड्स के जरिए कंपनी छोटे व्यापारियों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रही है।
रिस्क और चुनौतियां
माइक्रोफाइनेंस से मॉर्गेज लेंडिंग की तरफ शिफ्ट होना किसी भी NBFC के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हाउसिंग फाइनेंस में अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स और लॉन्ग-टर्म एसेट मैनेजमेंट की चुनौतियां होती हैं। इन्वेस्टर्स अब यह देख रहे हैं कि कंपनी बिना अपनी बैलेंस शीट पर दबाव डाले इन नए क्रेडिट साइकल को कैसे मैनेज करती है, क्योंकि अफोर्डेबल हाउसिंग का मार्केट पहले से ही काफी कॉम्पिटिटिव है।
