Punjab & Sind Bank विदेशी फंड जुटाएगा ₹830 करोड़; GIFT City में खोलेगा ब्रांच

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Punjab & Sind Bank विदेशी फंड जुटाएगा ₹830 करोड़; GIFT City में खोलेगा ब्रांच

Punjab & Sind Bank ने विदेशी बाज़ारों से **$100 मिलियन** (लगभग **₹830 करोड़**) जुटाने की योजना बनाई है। यह पैसा फॉरेन करेंसी डिपॉजिट और ओवरसीज़ बोर्रोविंग के ज़रिए आएगा, जिसका इस्तेमाल बैंक के विस्तार (Expansion) लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, बैंक अपनी अंतरराष्ट्रीय फंडिंग को आसान बनाने के लिए GIFT City में एक नई ब्रांच भी खोलेगा। यह कदम बैंक के **₹4 ट्रिलियन** के टोटल बिज़नेस के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा, जिसमें हाल ही में आए प्रॉफिट ने भी बूस्ट दिया है।

Detailed Coverage

Punjab & Sind Bank अब विदेशी बाज़ारों का रुख करने के लिए तैयार है, जहाँ से वह $100 मिलियन (लगभग ₹830 करोड़) की रकम जुटाएगा। इस फंड जुटाने की योजना को दो हिस्सों में बांटा गया है: $25 मिलियन फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट के ज़रिए आएंगे, जबकि बाकी $75 मिलियन एक्सटर्नल कमर्शियल बोर्रोविंग (ECB) और अन्य विदेशी इंस्ट्रूमेंट्स से जुटाए जाएंगे। बैंक के मैनेजमेंट का मानना है कि यह कदम विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Currency Resources) को बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी है।

GIFT City ब्रांच: एक स्ट्रैटेजिक कदम

बैंक के लिए विदेशी फंडिंग जुटाने में एक बड़ी रुकावट अब तक उसके अंतरराष्ट्रीय ब्रांचों की कमी रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए, बैंक गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उम्मीद है कि यह ब्रांच FY27 की तीसरी तिमाही (Q3) में काम करना शुरू कर देगी और बैंक की अंतरराष्ट्रीय उधारी गतिविधियों के लिए एक मुख्य जरिया बनेगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि यह सुविधा बैंक की पहुँच को काफी हद तक बढ़ाएगी, जहाँ पहले साल में ₹10,000 करोड़ का बिज़नेस होने का अनुमान है, जो अगले तीन सालों में बढ़कर ₹25,000 करोड़ तक पहुँच सकता है।

ग्रोथ के लक्ष्य और बिज़नेस पर फोकस

बैंक ने बोर्ड की मंजूरी से FY29 तक ₹4 ट्रिलियन का टोटल बिज़नेस हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करने के लिए, बैंक अपने फिजिकल नेटवर्क में भी बड़ा इजाफा करने की योजना बना रहा है, जिसमें 2,000 से ज़्यादा ब्रांचें और लगभग 6,500 बिज़नेस करेस्पोंडेंट शामिल हैं। इस नेटवर्क विस्तार का उद्देश्य बैंक को ज़्यादा मुनाफ़ा देने वाली लोन कैटेगरीज़ की ओर ले जाना है। फिलहाल, रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME सेक्टर बैंक के कुल एडवांसेज का 60.02% हिस्सा हैं, जिसमें पिछले साल की तुलना में 32.66% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस और एसेट क्वालिटी

बैंक का हालिया प्रदर्शन मुनाफ़े और एसेट क्वालिटी पर मज़बूत फोकस दिखा रहा है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में, बैंक ने ₹331 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 23.05% ज़्यादा है। बैंक का टोटल बिज़नेस ₹2.66 ट्रिलियन तक पहुँच गया, जो पिछले साल की तुलना में 15.27% की ग्रोथ दर्शाता है। निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है, जहाँ ग्रॉस नॉन-परफॉरमिंग एसेट (NPA) रेशियो - यानी खराब कर्ज़ का पैमाना - घटकर 2.21% पर आ गया है। कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 17.61% पर है, जो भविष्य में लोन देने के लिए एक अच्छा बफर प्रदान करता है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

Expansion की ये योजनाएँ भले ही महत्वाकांक्षी हों, लेकिन निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि बैंक अपने फंड की लागत (Cost of Funds) को कैसे संतुलित करता है। CASA (Customer Acquisition Cost) डिपॉजिट, जो कम लागत वाले डिपॉजिट होते हैं, 10.20% बढ़कर ₹44,225 करोड़ हो गए, लेकिन बैंकिंग सेक्टर में इन्हें बढ़ाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा, बैंक हाउसिंग और व्हीकल लोन में ग्रोथ को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है, जो जून तिमाही में आंतरिक परिचालन बदलावों के कारण कुछ कम रहे थे। GIFT City ब्रांच का आगामी लॉन्च और ₹4 ट्रिलियन के बिज़नेस लक्ष्य की ओर प्रगति आने वाली तिमाहियों में ट्रैक करने के लिए मुख्य माइलस्टोन होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.