सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड **₹5,532 करोड़** का मुनाफा कमाने के बाद, अब Punjab National Bank ने अगली तिमाही के लिए **₹6,000 करोड़** का बड़ा लक्ष्य रखा है। बैंक की ग्रोथ का मुख्य इंजन रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME लोन बन रहे हैं।
सरकारी क्षेत्र के दिग्गज Punjab National Bank (PNB) के हौसले बुलंद हैं। सितंबर तिमाही में बैंक ने ₹5,532 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 13% अधिक है। अब बैंक की नजर अगली तिमाही में ₹6,000 करोड़ के जादुई आंकड़े को छूने पर है।
कोर बिजनेस बनाम ट्रेजरी का गणित
बैंक की हालिया रिपोर्ट में एक दिलचस्प बदलाव दिखा है। जहां ट्रेजरी ऑपरेशंस (सरकारी बॉन्ड में निवेश) से होने वाली इनकम पिछले साल के ₹1,769 करोड़ से घटकर ₹753 करोड़ रह गई, वहीं बैंक का कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट 29% उछल गया। यह इस बात का सबूत है कि बैंक अब बाजार की अस्थिरता पर निर्भर रहने के बजाय अपने मुख्य लेंडिंग बिजनेस से कमाई करने में ज्यादा सक्षम हो गया है।
'RAM' पोर्टफोलियो पर दांव
PNB ने अब अपनी रणनीति बदल दी है। बैंक अब बड़े कॉर्पोरेट लोन के बजाय 'RAM' यानी रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME सेगमेंट पर जोर दे रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो रिटेल लोन में 16%, MSME में 19-20% और एग्रीकल्चर पोर्टफोलियो में 18% की ग्रोथ देखी गई है। बैंक जानबूझकर कम मुनाफे वाले कॉर्पोरेट लोन को कम कर रहा है ताकि मार्जिन में सुधार किया जा सके।
निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?
निवेशकों को अब मुख्य रूप से 'नेट इंटरेस्ट मार्जिन' (NIM) पर नजर रखनी चाहिए। चूंकि पब्लिक सेक्टर बैंकों के बीच डिपॉजिट हासिल करने की जंग तेज है, इसलिए मार्जिन बनाए रखना बैंक के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। साथ ही, MSME और रिटेल पोर्टफोलियो तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में एसेट क्वालिटी यानी लोन की रिकवरी बैंक की भविष्य की सफलता में सबसे बड़ा फैक्टर साबित होगी।
