Punjab National Bank (PNB) ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **12.8%** बढ़कर **₹5,532 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसकी मुख्य वजह लोन बांटने में तेजी और प्रोविजन्स में बड़ी कटौती रही।
मुनाफे की रफ्तार और प्रोविजन्स में कटौती
PNB ने वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ₹5,532 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹4,904 करोड़ था। इस तिमाही में बैंक की कुल इनकम ₹38,185 करोड़ रही। इस शानदार मुनाफे के पीछे सबसे बड़ी वजह प्रोविजन्स और कंटिंजेंसी में भारी कमी है, जो पिछले साल के ₹643 करोड़ से गिरकर इस बार सिर्फ ₹97 करोड़ रह गई है।
एसेट क्वालिटी पर एक नजर
बैंक की बैलेंस शीट पहले से काफी मजबूत नजर आ रही है। बैंक का ग्रॉस NPA रेशियो जो पिछले साल 3.45% था, वो अब घटकर 2.55% पर आ गया है। वहीं नेट NPA रेशियो भी सुधार के साथ 0.25% पर है। हालांकि, निवेशकों को एक बारीक आंकड़े पर नजर रखनी होगी—बैंक का स्लिपेज रेशियो (Slippage Ratio) बढ़कर 0.77% हो गया है, जिसका मतलब है कि नए लोन के खराब होने की रफ्तार में मामूली बढ़ोतरी हुई है।
बिजनेस ग्रोथ की तस्वीर
बैंक का कुल ग्लोबल बिजनेस 11.9% की ग्रोथ के साथ ₹31.18 लाख करोड़ हो गया है। एडवांस यानी लोन देने के मामले में बैंक ने 14.7% की दमदार तेजी दिखाई है, जिससे लोन बुक बढ़कर ₹13.41 लाख करोड़ हो गई है। वहीं, बैंक की डिपॉजिट्स में भी 9.9% का इजाफा हुआ है और यह ₹17.77 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) मामूली सुधार के साथ 2.58% रहा है। बैंक का कैपिटल बेस भी मजबूत है, जहां CRAR रेशियो 17.95% पर बना हुआ है, जो भविष्य के विस्तार के लिए पर्याप्त है। आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंक अपनी एसेट क्वालिटी को कैसे मेंटेन करता है और क्या नए स्लिपेज पर लगाम लगा पाता है।
