मुंबई की नॉन-बैंकिंग लेंडर Protium Finance, Clix Capital को ₹1,900 करोड़ से ₹2,200 करोड़ के बीच खरीदने के लिए बातचीत के अंतिम चरण में है। इस डील से Protium अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को बढ़ाने और नए सेगमेंट में पैठ बनाने की उम्मीद कर रही है।
Detailed Coverage
NBFC सेक्टर में बड़ा कंसॉलिडेशन?
भारतीय नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर में एक बड़े कंसॉलिडेशन की खबर आ रही है। मुंबई स्थित NBFC लेंडर Protium Finance, Clix Capital को ₹1,900 करोड़ से ₹2,200 करोड़ के बीच खरीदने के लिए एडवांस टॉक्स (Advanced Talks) में है। अगर यह डील फाइनल होती है, तो Clix Capital का वैल्यूएशन उसके बुक वैल्यू का लगभग 1.2 से 1.5 गुना होगा।
Protium Finance की रणनीति
Protium Finance, जिसकी स्थापना सात साल पहले गोल्डमैन सैक्स के पूर्व एग्जीक्यूटिव Peeyush Misra ने की थी, फिलहाल कंज्यूमर, एजुकेशन और MSME लेंडिंग पर फोकस कर रही है। सितंबर 2025 तक कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹8,675 करोड़ था। Clix Capital को खरीदने के बाद, Protium अपनी पहुंच डिजिटल लेंडिंग और एनालिटिक्स जैसे नए सेगमेंट्स में बढ़ाना चाहती है, जिससे कंपनी का कुल AUM और मजबूत होगा।
Clix Capital का फाइनेंशियल प्रोफाइल
Clix Capital, जिसे पहले GE Finance के नाम से जाना जाता था, को 2016 में Pramod Bhasin और Anil Chawla ने रीब्रांड किया था। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले हाफ में ₹559 करोड़ की टोटल इनकम पर ₹30 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। सितंबर 2025 तक इसका AUM ₹7,675 करोड़ था, जिसमें 2.25% नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) थे।
बाजार का नजरिया
यह डील ऐसे समय में हो रही है जब भारतीय NBFC सेक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के बढ़ते रेगुलेटरी ओवरसाइट, बढ़ती बॉरोइंग कॉस्ट और बदलती लोन ग्रोथ पैटर्न जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। Clix Capital पिछले एक साल से भी ज्यादा समय से एक खरीदार की तलाश में थी, लेकिन वैल्यूएशन गैप और स्ट्रक्चरल दिक्कतों के कारण पिछली कोशिशें सफल नहीं हो पाई थीं।
आगे क्या?
निवेशक अब लीगल डॉक्यूमेंटेशन की प्रगति पर नजर रखेंगे, जो अगस्त 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। Clix Capital के लिए यह डील एक एग्जिट (Exit) का मौका देगी, वहीं Protium Finance के लिए यह भारतीय NBFC मार्केट में अपनी पोजिशन मजबूत करने का एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
