फंड्स ने AI जोखिम के चलते निवेशकों के लिए निकासी रोकी
Morgan Stanley और Cliffwater LLC अपने बड़े प्राइवेट क्रेडिट फंड्स से निवेशकों की निकासी पर सख्त कैप लगा रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि निवेशकों की पैसे निकालने की मांग इतनी बढ़ गई है कि फंड की क्षमता से कहीं ज्यादा हो गई है। क्लिफवॉटर के 33 बिलियन डॉलर के प्राइवेट क्रेडिट फंड ने पहली तिमाही में निकासी को रेगुलेटरी मैक्सिमम 7% पर सीमित कर दिया है, जबकि निवेशक 14% की निकासी चाहते थे। इसी तरह, 8 बिलियन डॉलर एसेट वाले Morgan Stanley के North Haven Private Income Fund ने निवेशकों द्वारा मांगी गई राशि के आधे से भी कम का भुगतान किया, और केवल 5% शेयरों तक ही भुगतान सीमित रखा। यह प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए एक बड़ा संकेत है कि वे अपने लोन पोर्टफोलियो की क्वालिटी को लेकर बढ़ती चिंताओं का सामना कर रहे हैं, खासकर उन सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से खतरे में हैं।
AI का खतरा और लिक्विडिटी पर दबाव
1.8 ट्रिलियन डॉलर के प्राइवेट लेंडिंग मार्केट पर दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि इलिक्विड (कम लिक्विडिटी वाले) लोन्स के वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। JPMorgan Chase & Co., जो इन फंड्स को लोन देता है, ने AI से प्रभावित माने जाने वाले कुछ सॉफ्टवेयर-लिंक्ड लोन्स के वैल्यूएशन में कटौती करना शुरू कर दिया है और इस तरह के कोलेटरलाइज्ड लेंडिंग को सीमित कर रहा है। हालांकि इससे अभी बड़े मार्जिन कॉल्स नहीं हुए हैं, लेकिन एसेट्स के वैल्यूएशन में गिरावट से JPMorgan की प्राइवेट क्रेडिट व्हीकल्स को फाइनेंस करने की क्षमता कम हो रही है। JPMorgan जैसे बड़े वित्तीय संस्थान की यह सावधानी सॉफ्टवेयर कंपनियों और उनके लेंडर्स के लिए क्रेडिट टर्म्स और कोलेटरल वैल्यूएशन में एक बड़े बदलाव का संकेत देती है, जिससे पूरे मार्केट में टेक्नोलॉजी-हैवी लोन पोर्टफोलियो की जांच तेज हो गई है।
मार्केट ट्रेंड्स और प्रतिस्पर्धियों की चाल
प्राइवेट क्रेडिट में यह लिक्विडिटी क्रंच ऐसे समय में आ रहा है जब मार्केट में वृद्धि तो मजबूत है, लेकिन निवेशकों की घबराहट भी बढ़ रही है। जहां 2024 में 1.01 ट्रिलियन डॉलर का नॉर्थ अमेरिकन प्राइवेट क्रेडिट मार्केट 2029 तक 1.74 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, वहीं 2024 के लिए फंड जुटाने के आंकड़े लगातार तीसरे साल गिरे हैं और आठ साल के निचले स्तर पर आ गए हैं। यह इस बात का संकेत है कि डील की मजबूत मांग के बावजूद कैपिटल डिप्लॉयमेंट (पूंजी का निवेश) कम हो रहा है। BlackRock Inc. जैसे प्रतिस्पर्धियों ने भी हाल ही में अपने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स पर निकासी की सीमाएं लगाई हैं, इसी तरह के कदम Blackstone और Blue Owl Capital जैसे अन्य वैकल्पिक एसेट मैनेजर्स ने भी उठाए हैं। IT और कम्युनिकेशन सेक्टर, जिसमें सॉफ्टवेयर फर्में प्रमुख हैं, ट्रैक किए गए प्राइवेट क्रेडिट डील्स का एक बड़ा हिस्सा (20% से 25%) है, जो इसे लेंडर्स के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाता है। Morgan Stanley भी अपने एसेट मैनेजमेंट बिजनेस में इन चुनौतियों का सामना कर रहा है।
स्ट्रक्चरल कमजोरी और सॉफ्टवेयर लोन पर AI का असर
प्राइवेट क्रेडिट फंड्स, खासकर जो व्यक्तिगत निवेशकों को टारगेट करते हैं और एवरग्रीन (लगातार चलने वाले) स्ट्रक्चर में होते हैं, वे बड़े पैमाने पर अचानक पैसे निकालने की मांग को संभालने के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त नहीं होते हैं। इन फंड्स को आमतौर पर तिमाही आधार पर पैसे वापस देने होते हैं, लेकिन इन्हें अचानक भारी संख्या में निवेशकों के पैसे निकालने की भीड़ को झेलने के लिए डिजाइन नहीं किया गया है, जिससे वर्तमान लिक्विडिटी मैनेजमेंट उपाय सामने आए हैं। AI के सॉफ्टवेयर कंपनियों पर पड़ने वाले असर की चिंताएं एक बड़ा कारण बन रही हैं। इन व्यवसायों, जो अक्सर रीकरिंग रेवेन्यू (बार-बार आने वाला राजस्व) और कस्टमर लॉयल्टी के लिए जाने जाते थे, की प्रेडिक्टेबल कैश फ्लो (अनुमानित नकदी प्रवाह) की वजह से इन्हें पसंद किया जाता था। हालांकि, AI एंट्री बैरियर्स (प्रवेश बाधाओं) को कम कर सकता है और कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को सक्षम कर सकता है, जिससे पुराने सॉफ्टवेयर मॉडलों के प्रॉफिट मार्जिन और लॉन्ग-टर्म वायबिलिटी (दीर्घकालिक व्यवहार्यता) को खतरा पैदा हो सकता है। Morgan Stanley ने खुद फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि सॉफ्टवेयर सेक्टर के लगभग 50% लोन का क्रेडिट रेटिंग कम (B- या उससे नीचे) है, जो उच्च डिफॉल्ट जोखिम का संकेत देता है, और 80% से अधिक ऐसे लोन प्राइवेट, स्पॉन्सर-बैक्ड कंपनियों द्वारा जारी किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता कम हो सकती है। यह कंसंट्रेशन रिस्क (सांद्रता जोखिम), अपारदर्शी प्राइवेट क्रेडिट वैल्यूएशन और AI डिसरप्शन के प्रभाव के संभावित अंडरवैल्यूएशन के साथ मिलकर महत्वपूर्ण डाउनसाइड रिस्क (नकारात्मक प्रभाव का बड़ा खतरा) पैदा करता है।