नतीजों की गहराई
Prithvi Exchange (India) Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही के लिए जोरदार नतीजे घोषित किए हैं। कंसॉलिडेटेड (Consolidated) आधार पर, कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के ₹71,640.44 लाख की तुलना में 42.59% बढ़कर ₹1,02,154.21 लाख हो गया। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो और भी बड़ी छलांग लगी, जो 91.51% बढ़कर ₹125.25 लाख पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹65.40 लाख था। स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों में भी यही सकारात्मक तस्वीर दिखी, रेवेन्यू 42.57% बढ़कर ₹1,02,131.99 लाख रहा और PAT 91.51% की बढ़ोतरी के साथ ₹125.25 लाख पर पहुंच गया।
नतीजों की गुणवत्ता
PAT में रेवेन्यू ग्रोथ से ज़्यादा की बढ़ोतरी बताती है कि कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditors) ने स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड दोनों फाइनेंशियल नतीजों पर 'अनक्वालिफाइड ओपिनियन' (Unqualified Opinion) दिया है, जो बताए गए आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता की पुष्टि करता है।
RBI का असर
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के एक सर्कुलर का असर इस तिमाही के प्रदर्शन पर पड़ा है। इस सर्कुलर के तहत, अधिकृत डीलरों (Authorised Dealers) और FFMC को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे विदेशी मुद्राओं (Foreign Currencies) की बिक्री, खरीद के 75% से कम न करें। इस सर्कुलर ने कंपनी के कामकाज को प्रभावित किया है, फिर भी कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।
डिविडेंड का ऐलान
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (Board of Directors) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-2026 के लिए 15% प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है। यह प्रति इक्विटी शेयर ₹1.50 होगा, जिसका फेस वैल्यू ₹10 है। शेयरधारकों को डिविडेंड देने के लिए रिकॉर्ड डेट सोमवार, 9 फरवरी 2026 तय की गई है।
आगे क्या?
आगे चलकर मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा लेनदेन पर RBI के निर्देश का असर और कंपनी का इससे सामंजस्य बिठाना एक महत्वपूर्ण कारक रहेगा। फॉरेन एक्सचेंज मार्केट (Foreign Exchange Market) में कोई भी नया रेगुलेटरी बदलाव या उतार-चढ़ाव भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) को प्रभावित कर सकता है। निवेशक अगली तिमाहियों में लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और PAT में बढ़ोतरी पर नज़र रखेंगे, साथ ही कंपनी की रेगुलेटरी माहौल में प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता भी देखी जाएगी। विदेशी मुद्रा सेगमेंट ही कंपनी का एकमात्र रिपोर्टेबल सेगमेंट है।