Prediction market की दुनिया में इन दिनों बड़ी हलचल है। Kalshi और Polymarket जैसी कंपनियां अपने वैल्यूएशन को $20 बिलियन (करीब ₹16,000 करोड़) तक ले जाने की तैयारी में हैं। अगर यह डील फाइनल होती है, तो यह इनके पिछले वैल्यूएशन से दोगुना होगा। यह दिखाता है कि निवेशकों का ध्यान इस खास तरह के इवेंट-ड्रिवन ट्रेडिंग सेक्टर पर कितना बढ़ गया है।
क्यों है इतनी दिलचस्पी?
Prediction markets वो प्लेटफॉर्म हैं जहाँ लोग रियल-वर्ल्ड इवेंट्स (जैसे चुनाव, खेल नतीजे) पर दांव लगा सकते हैं। इसमें इन प्लेटफॉर्म्स का ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी तगड़ा है। Kalshi का ओपन इंटरेस्ट $400 मिलियन से ऊपर है, वहीं Polymarket का $360 मिलियन है। पिछले हफ्ते, Polymarket ने $1.9 बिलियन और Kalshi ने $1.87 बिलियन के नोटेशनल वॉल्यूम का कारोबार किया।
इस बढ़ती लोकप्रियता को देखकर बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस जैसे Nasdaq और Cboe भी इस तरह के 'यस-या-नो' कॉन्ट्रैक्ट्स लाने पर विचार कर रहे हैं। यह इस मॉडल की मजबूती को दिखाता है, लेकिन साथ ही यह भविष्य में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी संकेत है।
क्या $20 बिलियन वैल्यूएशन जायज है?
हालांकि, इन ऊंचे वैल्यूएशन पर कुछ गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं। Kalshi का एनुअल रेवेन्यू रन रेट करीब $1.5 बिलियन है, जिसका मतलब है कि उनका प्राइस-टू-सेल्स मल्टीपल लगभग 13.3x है। यह टेक कंपनियों के लिए आम है, लेकिन इसके लिए कंपनी को लगातार तेजी से ग्रोथ दिखानी होगी।
इन प्लेटफॉर्म्स का बिजनेस मॉडल सट्टा ट्रेडिंग वॉल्यूम पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है, जो मार्केट के सेंटिमेंट और रेगुलेटरी बदलावों से प्रभावित हो सकता है। Kalshi भले ही CFTC के तहत काम करती हो, पर पूरे Prediction Market सेक्टर के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क अभी भी जटिल और विकसित हो रहा है।
ऊपर से, Nasdaq और Cboe जैसे दिग्गजों की एंट्री से मार्केट सैचुरेशन या मार्जिन पर दबाव का खतरा बढ़ सकता है। इतिहास गवाह है कि कई बार एक्सब्यूरेंस (अंधा उत्साह) फंडामेंटल वैल्यू से आगे निकल जाता है, जिससे बाद में बड़ी गिरावट देखने को मिलती है। इसलिए, इन ऊंचे वैल्यूएशन को बनाए रखने के लिए सिर्फ यूजर एडॉप्शन ही नहीं, बल्कि एक स्थिर रेगुलेटरी माहौल और प्रॉफिटेबिलिटी का स्पष्ट रास्ता दिखाना भी ज़रूरी होगा।
आगे क्या?
Prediction market सेक्टर में लगातार ग्रोथ की उम्मीद है, क्योंकि लोग इन प्लेटफॉर्म्स को समझने लगे हैं। बड़े वित्तीय खिलाड़ियों की एंट्री इसकी वैल्यू को साबित करती है। लेकिन Kalshi और Polymarket का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे कैसे रेगुलेटरी माहौल में कदम रखते हैं, अपनी अलग पहचान कैसे बनाते हैं, और यह साबित करते हैं कि उनके वैल्यूएशन सिर्फ हाइप पर नहीं, बल्कि टिकाऊ बिजनेस मॉडल पर आधारित हैं।