चुनिंदा ग्राहकों के लिए तत्काल क्रेडिट: बैंक त्वरित भुगतान के लिए डिज़ाइन किए गए प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन ज़्यादा दे रहे हैं, जिसका लक्ष्य चुनिंदा ग्राहकों की तत्काल वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करना है। यह कदम पारंपरिक लंबी आवेदन प्रक्रियाओं को दरकिनार करता है, और अक्सर बिना किसी भौतिक दस्तावेज़ की आवश्यकता के, फंड तक लगभग तत्काल पहुंच प्रदान करता है।
प्रमुख बैंकिंग संस्थान त्वरित ऋण दे रहे हैं: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, और केनरा बैंक जैसे प्रमुख संस्थान इस प्रवृत्ति में सबसे आगे हैं। ये बैंक ग्राहक डेटा और क्रेडिट इतिहास का लाभ उठाकर प्री-वेटेड ऋण प्रस्ताव देते हैं, जिससे फंड का तेज़ी से हस्तांतरण संभव होता है। एसबीआई के योोनो (YONO) ऐप और एचडीएफसी बैंक के डिजिटल प्लेटफॉर्म को उनकी दक्षता के लिए सराहा गया है, जहां भुगतान का समय कभी-कभी सेकंडों में मापा जाता है। लोन की राशि ₹50 लाख तक हो सकती है, और प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें लगभग 10.5% से शुरू होती हैं।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया: इन त्वरित ऋणों के लिए पात्रता आम तौर पर एक मजबूत क्रेडिट स्कोर (आमतौर पर 750 या उससे ऊपर), लगातार पुनर्भुगतान इतिहास, और स्थिर आय पर निर्भर करती है। बैंक के साथ मौजूदा संबंध भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नए ग्राहकों के लिए, मानक पहचान और आय सत्यापन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। आवेदन मुख्य रूप से डिजिटल होता है, जो नेट बैंकिंग पोर्टल या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सुलभ होता है, जिससे उपयोगकर्ता अनुभव सरल हो जाता है।
उधारकर्ताओं के लिए लाभ: सबसे बड़ा फायदा गति है; अंतिम पुष्टि के कुछ ही मिनटों में फंड जमा हो सकते हैं। न्यूनतम दस्तावेज़ीकरण आवश्यकताओं से परेशानी कम हो जाती है, क्योंकि बैंकों के पास अक्सर सत्यापित ग्राहक जानकारी पहले से होती है। इसके अलावा, ये लोन आम तौर पर असुरक्षित होते हैं, जिसका मतलब है कि किसी संपार्श्विक (collateral) की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे ये त्वरित तरलता (liquidity) चाहने वाले क्रेडिट-योग्य व्यक्तियों के एक बड़े वर्ग के लिए सुलभ हो जाते हैं।