बरोइंग प्लान और डिविडेंड का ऐलान
Power Finance Corporation (PFC) के बोर्ड ने आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,60,000 करोड़ की बड़ी बरोइंग करने की मंजूरी दे दी है। इस कुल राशि में ₹1,10,000 करोड़ तक का लॉन्ग/मीडियम-टर्म के लिए, ₹20,000 करोड़ फॉरेन करेंसी (Foreign Currency) में और ₹20,000 करोड़ तक का शॉर्ट-टर्म डोमेस्टिक (Short-term Domestic) जरूरतों के लिए, जिसमें कमर्शियल पेपर (Commercial Paper) भी शामिल है, उधार लिया जा सकता है।
इसके अलावा, बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए चौथे अंतरिम डिविडेंड (Fourth Interim Dividend) के तौर पर ₹3.25 प्रति इक्विटी शेयर (Equity Share) देने की घोषणा की है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 23 मार्च, 2026 है और इसका भुगतान 16 अप्रैल, 2026 तक हो जाने की उम्मीद है।
फंड्स और शेयरहोल्डर रिटर्न पर असर
यह बड़ा बरोइंग लिमिट PFC को अगले वित्त वर्ष में अपने ऑपरेशंस (Operations) और ग्रोथ (Growth) पहलों के लिए पर्याप्त फंड्स उपलब्ध कराएगा। भारत के पावर सेक्टर (Power Sector) के एक प्रमुख फाइनेंसर के तौर पर, यह पूंजी देश भर में चल रही और नई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (Infrastructure Projects) को सपोर्ट करने के लिए महत्वपूर्ण है।
वहीं, डिविडेंड की घोषणा से शेयरधारकों को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा, जो PFC की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और निवेशकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
शेयरहोल्डर की मंजूरी ज़रूरी
यह बरोइंग प्लान कंपनी अधिनियम, 2013 (Companies Act, 2013) की धारा 180(1)(c) के तहत शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करता है। इसका मतलब है कि उन बरोइंग राशियों के लिए शेयरधारकों से एक स्पेशल रेसोल्यूशन (Special Resolution) की आवश्यकता होगी जो कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल (Paid-up Share Capital) और फ्री रिजर्व (Free Reserves) से ज़्यादा हो।
पीयर्स (Peers) से तुलना
लगभग ₹1,34,710 करोड़ के मार्केट कैप (Market Cap) और करीब 3.90% के डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) वाली PFC, REC Ltd. और IREDA जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। REC Ltd. का मार्केट कैप करीब ₹87,500 करोड़ है और इसका डिविडेंड यील्ड 5.42% है। वहीं, रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) पर केंद्रित IREDA का मार्केट कैप लगभग ₹32,306 करोड़ है और यह फिलहाल कोई डिविडेंड यील्ड नहीं देती। PFC की बड़ी बरोइंग योजना पावर प्रोजेक्ट्स की फंडिंग में इसके बड़े पैमाने और भूमिका को दर्शाती है।
हालिया फाइनेंशियल स्थिति
31 मार्च, 2025 तक, PFC की कुल बरोइंग ₹4,65,763 करोड़ तक पहुंच गई थी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14% की बढ़ोतरी है।
