वैल्यूएशन की चिंता ने AUM ग्रोथ को किया फीका
31 मार्च 2026 तक Poonawalla Fincorp का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग ₹60,325 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी के पास ₹7,550 करोड़ की मजबूत लिक्विडिटी भी है। इस ग्रोथ को कंपनी के 'रिस्क-फर्स्ट अप्रोच' का नतीजा बताया जा रहा है। हालांकि, शेयर बाजार में इस खबर का कुछ खास असर नहीं दिखा, बल्कि बिकवाली देखने को मिली। ऐसा इसलिए है क्योंकि निवेशकों को कंपनी के बहुत ज्यादा वैल्यूएशन (Valuation) की चिंता है।
वैल्यूएशन और प्रॉफिट का बेमेल
इस समय Poonawalla Fincorp का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल 90 से 110 गुना चल रहा है। यह इसके कॉम्पटीटर Bajaj Finance (जो 28-32x P/E पर है) और Cholamandalam Investment and Finance Company (जो 23-25x P/E पर है) की तुलना में काफी ज्यादा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के अंत तक, कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) -₹1.3 था, यानी निगेटिव। यह दिखाता है कि कंपनी की कमाई उसके मार्केट कैप से मेल नहीं खाती, और इसे NBFC सेक्टर के मुकाबले महंगा माना जा रहा है।
मजबूत लिक्विडिटी से ग्रोथ की उम्मीद
₹7,550 करोड़ की लिक्विडिटी कंपनी के ग्रोथ प्लान्स और फाइनेंशियल जरूरतों के लिए काफी सहारा दे रही है। Q3FY26 में कंपनी का AUM ₹55,017 करोड़ था, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 77.6% ज्यादा है। कंपनी ₹55 अरब जुटाने और ₹200 अरब की NCD जारी करने की भी योजना बना रही है। साथ ही, पर्सनल और गोल्ड लोन जैसे नए प्रोडक्ट लॉन्च करके कंपनी एक टिकाऊ और प्रॉफिटेबल मॉडल बनाने का लक्ष्य रख रही है। कंपनी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए 57 AI इनिशिएटिव्स पर भी काम कर रही है।
बड़े जोखिम और बंटे हुए एनालिस्ट
ग्रोथ के अलावा, कुछ फैक्टर निवेशकों को सतर्क कर रहे हैं। कंपनी के अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loan) पोर्टफोलियो में काफी बढ़ोतरी हुई है, जो अब कुल पोर्टफोलियो का 46% है। यह सुरक्षित लोन वाले पोर्टफोलियो की तुलना में ज्यादा जोखिम भरा है। कंपनी 'रिस्क-फर्स्ट अप्रोच' पर जोर दे रही है, लेकिन स्टेज 2 और स्टेज 3 एसेट्स रेशियो और ECL कवरेज पर करीबी नजर रखनी होगी। एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है; कुछ 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, तो कुछ 'Hold' या 'Sell' की सलाह दे रहे हैं। एक रिपोर्ट ने स्टॉक को 'Reduce' रेटिंग दी और ₹430 का प्राइस टारगेट रखा है।
आगे क्या?
एनालिस्ट्स ने Poonawalla Fincorp के लिए औसतन ₹513.74 का प्राइस टारगेट दिया है, जो थोड़ी बढ़त की उम्मीद दिखाता है। NBFCs के लिए अनुमानित 15-17% की ग्रोथ (FY26 में) का फायदा कंपनी को मिल सकता है। लेकिन, कॉम्पटीटर्स के मुकाबले वैल्यूएशन गैप, प्रॉफिटेबिलिटी की चिंताएं और बढ़ता अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो बताता है कि बाजार पहले से ही काफी ग्रोथ और जोखिमों को प्राइस कर चुका है। कंपनी को अपने हाई वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए लगातार प्रॉफिटेबल अर्निंग्स में बदलना होगा।